बिजासन घाट पर पूनम से अष्टमी तक रक्षाबंधन पर्व की अनूठी रौनक
Loktantra: राखी का पर्व, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट विश्वास का प्रतीक है, बिजासन घाट पर इस बार भी पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। यहां पूनम से लेकर अष्टमी तक आठ दिनों तक एक अनोखा माहौल देखने को मिला, जो भाई-बहन के स्नेह, प्रेम और अपनत्व से सराबोर रहा।
इन दिनों घाट पर सुबह से ही रौनक देखने को मिलती है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर, आरती उतारकर और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हैं। यह पल केवल रिश्तों का उत्सव नहीं, बल्कि भावनाओं का ऐसा संगम है जो वर्षों तक यादगार बन जाता है।
बिजासन घाट की यह परंपरा खास इसलिए भी है क्योंकि यहां रक्षाबंधन का पर्व एक दिन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आठ दिनों तक चलता है। पूनम से अष्टमी तक का यह समय घाट को रंग-बिरंगी सजावट, हंसी-खुशी और आत्मीय मिलन का केंद्र बना देता है। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग इस दौरान एक साथ समय बिताते हैं, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक एकता भी मजबूत होती है।
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