भोपाल की चर्चित अर्चना तिवारी हाईकोर्ट में पेश, कहा- सारांश जोगचंद से की है शादी
भोपाल की चर्चित लापता अर्चना तिवारी इंदौर हाईकोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सारांश जोगचंद से शादी कर ली है और वे अपनी मर्जी से पति के साथ रहना चाहती हैं।
इंदौर : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित अर्चना तिवारी लापता मामले में एक बहुत बड़ा और नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दायर की गई 'हैबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका की बहुप्रतीक्षित सुनवाई के दौरान लापता अर्चना तिवारी खुद अदालत में सहर्ष पेश हो गईं। न्यायालय के सामने अपना पक्ष रखते हुए अर्चना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने सारांश जोगचंद के साथ अपनी मर्जी से विवाह कर लिया है और अब वे पूरी तरह अपनी स्वेच्छा से अपने पति के साथ ही रहना चाहती हैं। दोनों पक्षों की दलीलें और अर्चना का बयान सुनने के बाद अदालत ने उन्हें सारांश जोगचंद के साथ रहने की विधिवत अनुमति प्रदान कर दी है।
📅 वर्ष 2025 में रहस्यमय तरीके से गायब हुई थीं अर्चना तिवारी
विदित हो कि 7 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से कटनी जा रही अर्चना तिवारी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से अचानक और पूरी तरह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं।
उनके इस तरह अचानक गायब होने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस सहित देश के कई अन्य राज्यों की पुलिस भी उनकी तलाश में युद्धस्तर पर जुट गई थी। घटना के करीब 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद जीआरपी ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया था। बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में अर्चना ने खुद यह बात कबूल की थी कि उनके परिजन उनकी मर्जी के खिलाफ किसी अन्य जगह शादी का दबाव बना रहे थे, और इसी वजह से उन्होंने अपनी इच्छा से घर छोड़ने का कड़ा फैसला लिया था।
⚖️ हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुईं अर्चना
शुरुआती पुलिस बरामदगी के दौरान भी अर्चना ने किसी भी तरह के अपहरण या जोर-जबरदस्ती की बात से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद जब इंदौर हाईकोर्ट में अर्चना को अदालत के समक्ष पेश करने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण यानी 'हैबियस कॉर्पस' याचिका दायर की गई, तब अदालत में पेश होकर अर्चना ने खुद न्यायालय को बताया कि वह एक बालिग नागरिक हैं और सारांश के साथ अपनी मर्जी से कानूनी रूप से विवाह कर चुकी हैं।
उन्होंने अदालत को दोहराया कि वे पूरी तरह अपनी स्वतंत्र इच्छा से अपने पति के साथ जीवन बिताना चाहती हैं। दोनों पक्षों के वकीलों और खुद अर्चना का बयान सुनने के बाद अदालत ने टिप्पणी की कि अर्चना और सारांश दोनों बालिग हैं और अपनी स्वतंत्र मर्जी से साथ रहना चाहते हैं।
इसके बाद माननीय उच्च न्यायालय ने अर्चना को उनके पति सारांश जोगचंद के साथ जाने और रहने की पूरी अनुमति दे दी। साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि वे दोनों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी या अनचाहे खतरे का सामना न करना पड़े।
📚 सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही थीं अर्चना, नेपाल सीमा के पास से मिली थीं
जानकारी के अनुसार अर्चना तिवारी लापता होने से पहले सिविल जज (न्यायिक सेवा) की परीक्षा की तैयारी में पूरी तरह जुटी हुई थीं। वे पिछले साल 7 अगस्त की शाम को इंदौर रेलवे स्टेशन से कटनी साउथ स्टेशन के लिए ट्रेन में सवार होकर रवाना हुई थीं, लेकिन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर रात करीब 10 बजकर 16 मिनट के बाद से वे अचानक लापता हो गई थीं।
सहयात्री यात्रियों से पूछताछ के दौरान एक यात्री ने उन्हें नर्मदापुरम (Hoshangabad) के आसपास तक ट्रेन में सफर करते देखा था, लेकिन उसके बाद उनका कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा था। लगभग 13 दिनों की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद पुलिस ने उन्हें नेपाल सीमा के पास से सकुशल ढूंढ निकाला था।
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