'नायक' फिल्म की तरह कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, स्कूलों और अस्पतालों में मिली कमियों पर लगाई क्लास

शहडोल के नए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने 'नायक' फिल्म की तरह विभिन्न सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया। कमियाँ मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Aug 08, 2026 - 14:44
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'नायक' फिल्म की तरह कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, स्कूलों और अस्पतालों में मिली कमियों पर लगाई क्लास

शहडोल : शहडोल जिले के नए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने फिल्म 'नायक' के अभिनेता अनिल कपूर की तर्ज पर पूरी सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया। शुक्रवार को दिनभर चले इस सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान जहाँ-जहाँ भी प्रशासनिक और विभागीय गड़बड़ियाँ मिलीं, कलेक्टर ने उन्हें तुरंत ठीक करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि यदि दूसरी बार के निरीक्षण में ये कमियाँ दुरुस्त नहीं मिलीं, तो वे सख्त वैधानिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

🏫 मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत पहले ही दिन दिखाया ट्रेलर

'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के पहले दिन ही शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिले भर में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण करके अपने काम करने का कड़ा अंदाज दिखा दिया। उन्होंने स्कूलों और अस्पतालों का अचानक दौरा किया और व्यवस्थाओं में खामियाँ मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) संजय कुमार अग्रवाल भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। कलेक्टर ने सबसे पहले शासकीय प्राथमिक विद्यालय धुरवार का रुख किया, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली और प्रधानाध्यापक को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।

➗ 11वीं की छात्रा से क्लासरूम में हल करवाए गणित के सवाल

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal), नि:शुल्क पुस्तक वितरण और स्कूल ड्रेस आदि के बारे में सीधे विद्यार्थियों से बातचीत की। कक्षाओं की अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि छात्रों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त बर्तन और खाद्यान्न का बेहतर रखरखाव होना चाहिए ताकि बच्चों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

इसके बाद कलेक्टर ग्राम पंचायत कंचनपुर स्थित शासकीय कन्या आवासीय विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुँचे। यहाँ उन्होंने कक्षा 11वीं की गणित की क्लास में जाकर खुद छात्रा राजेश्वरी सिंह से त्रिकोणमिति (Trigonometry) के सवाल अपने सामने ही ब्लैकबोर्ड पर हल करवाए।

🍎 छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा और सुरक्षा के कड़े निर्देश

कंचनपुर आवासीय छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि "यहाँ रहने वाली सभी छात्राओं को समय पर प्रोटीनयुक्त आहार, ताजे फल और दूध जैसी पौष्टिक चीजें मिलनी चाहिए।"

उन्होंने छात्रावास नंबर-1 में बालिकाओं के रहने की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने स्कूल और हॉस्टल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए, जिस पर प्राचार्य डीके श्रीवास्तव ने बताया कि कैमरे पहले से ही चालू हालत में लगे हुए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आवासीय विद्यालय की बालिकाओं के लिए खेलकूद हेतु एक शानदार फुटबॉल मैदान विकसित करने के भी निर्देश दिए।

🏥 धुरवार स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण और खुद कराई हीमोग्लोबिन की जाँच

कलेक्टर ने इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुरवार का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ भर्ती मरीजों से सीधे चर्चा कर स्वास्थ्य केंद्र में मिल रही मेडिकल सेवाओं की जानकारी ली। खास बात यह रही कि कलेक्टर ने अपनी मौजूदगी में ही अपनी हीमोग्लोबिन की जाँच भी करवाई।

उन्होंने अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयाँ हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की 'सिकल सेल एनीमिया' की जाँच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अनमोल पोर्टल की एंट्री, एल्बेंडाजोल की गोलियाँ खिलाने और ओपीडी व टेस्टिंग रूम का बारीकी से निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।

🗣️ ग्रामीणों ने सुनाई अपनी समस्याएँ, कलेक्टर ने दिए समाधान के निर्देश

दौरे के अंत में कलेक्टर पार्थ जायसवाल और पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान धुरवार का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को तय मात्रा में खाद्यान्न वितरण के संबंध में जानकारी ली और वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएँ और शिकायतें सुनीं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें अक्सर पानी की समस्या और राशन वितरण की कोई निश्चित तारीख न होने के कारण खाद्यान्न मिलने में परेशानी होती है। इसके अलावा ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतों से भी अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

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