सड़क हादसों को रोकने के लिए अनोखी पहल, मवेशियों के गले में बांधी जा रही रेडियम बेल्ट
नर्मदापुरम की पथरोटा पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट बांधने का अनूठा अभियान शुरू किया है। रात में वाहन चालकों को होगी आसानी।
नर्मदापुरम: बरसात के इस मौसम में सड़कों और हाइवे पर बैठे बेसहारा गोवंशों के कारण आए दिन होने वाली गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नर्मदापुरम जिले की पथरोटा पुलिस ने एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की है। थाना प्रभारी मोनिका गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम सड़क किनारे और हाइवे पर डेरा डाले बैठे गोवंशों के गले में विशेष रेडियम बेल्ट बाँध रही है, ताकि रात के समय या कम विजिबिलिटी में वाहन चालकों को दूर से ही मवेशियों की मौजूदगी का अहसास हो सके और अनियंत्रित हादसों से बचा जा सके।
✨ गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट बाँधकर की गई अभियान की शुरुआत
शुक्रवार को थाना प्रभारी मोनिका गौर ने अपनी पुलिस टीम के साथ इस विशेष अभियान का श्रीगणेश करते हुए कई बेसहारा गोवंशों के गले में सुरक्षात्मक रेडियम बेल्ट बाँधे। पुलिस प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस पहले चरण में लगभग 100 बेसहारा गोवंशों को यह रेडियम बेल्ट पहनाने का है। रात के वक्त जब किसी भी तेज रफ्तार वाहन की हेडलाइट इन बेल्ट्स पर पड़ती है, तो ये तेजी से चमकने लगते हैं, जिससे वाहन चालक समय रहते सतर्क होकर अपने वाहन की गति को नियंत्रित कर लेते हैं।
🚨 सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया कदम
इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी मोनिका गौर ने बताया कि, "बरसात के इन दिनों में सड़क पर बैठे बेसहारा मवेशियों के कारण लगातार सड़क हादसे सामने आते रहते हैं। कई बार इन भीषण दुर्घटनाओं में बेसहारा गोवंशों की जान चली जाती है, तो वहीं दूसरी ओर वाहन चालक और राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि इसी गंभीर समस्या का समाधान निकालने के लिए थाना स्तर पर यह विशेष 'रेडियम बेल्ट अभियान' शुरू किया गया है। फिलहाल शुरुआती तौर पर 100 बेल्ट्स की व्यवस्था की गई है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो और अधिक रेडियम बेल्ट मँगाकर जिले के अधिक से अधिक गोवंशों के गले में बाँधे जाएँगे। यह सुरक्षा अभियान लगातार जारी रहेगा।
🛡️ गोवंश और वाहन चालकों, दोनों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित
नर्मदापुरम जिले में बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर खुलेआम विचरण करते नजर आते हैं। रात के समय छाए अंधेरे और लगातार होती बारिश के कारण सड़क पर बैठे इन मवेशियों का सही समय पर अंदाजा नहीं लग पाता, जिसकी वजह से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पुलिस की यह सूझबूझ भरी पहल न केवल बेसहारा गोवंशों की अमूल्य जान सुरक्षित रखेगी, बल्कि रात में सफर करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी बेहद मददगार साबित होगी। स्थानीय नागरिकों ने भी पथरोटा पुलिस की इस संवेदनशील और सकारात्मक पहल की खुलकर प्रशंसा की है। लोगों का मानना है कि पशु संरक्षण और सड़क सुरक्षा की दिशा में उठाया गया यह कदम बेहद सराहनीय है, और यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे जिले के अन्य सभी थाना क्षेत्रों में भी लागू किया जाना चाहिए।
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