मध्य प्रदेश में 2017 के बाद पहली बार होंगे छात्रसंघ चुनाव, राजनीतिक सरगर्मी तेज

मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर में छात्रसंघ चुनाव होने की संभावना है। एनएसयूआई ने प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग करते हुए बीजेपी पर आरोप लगाए हैं।

Aug 09, 2026 - 16:25
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मध्य प्रदेश में 2017 के बाद पहली बार होंगे छात्रसंघ चुनाव, राजनीतिक सरगर्मी तेज

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश में माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) द्वारा छात्रसंघ चुनाव करवाने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बाद से ही प्रदेश भर में राजनीतिक गतिविधियाँ काफी तेज हो गई हैं। आगामी सितंबर महीने में संभावित छात्रसंघ चुनावों के मद्देनजर प्रदेश के प्रमुख छात्र संगठनों—अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई)—ने अपनी तैयारियाँ और सक्रियता बढ़ा दी है। हालाँकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक चुनाव की आधिकारिक और अंतिम तिथि की औपचारिक घोषणा किया जाना बाकी है।

📅 साल 2017 के बाद पहली बार कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में होंगे चुनाव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में वर्ष 2017 के बाद अब जाकर पहली बार छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। हाईकोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान शासन की ओर से शैक्षणिक कैलेंडर पेश किया गया था, जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया था कि आगामी सितंबर माह के दौरान सभी संबद्ध कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव आयोजित किए जाएंगे।

🔥 मुख्य राजनीतिक दलों की नर्सरी माने जाते हैं छात्रसंघ चुनाव

छात्रसंघ चुनाव को हमेशा से ही देश और प्रदेश के बड़े राजनीतिक दलों के लिए नई युवा लीडरशिप और नेतृत्व तैयार करने की एक प्रमुख प्रयोगशाला माना जाता रहा है। छात्र राजनीति की पृष्ठभूमि से ही मध्य प्रदेश सहित पूरे देश को कई दिग्गज और महान राजनेता मिले हैं। यही एक मुख्य वजह है कि सभी प्रमुख छात्र संगठन इन दिनों बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के स्थानीय मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय हो गए हैं। मुख्य रूप से एबीवीपी और एनएसयूआई आम छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाकर आगामी चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

🗣️ एनएसयूआई ने उठाई प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की पुरजोर माँग

कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन 'एनएसयूआई' (NSUI) की छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने रविवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव करवाए जाने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की कई वर्षों से लंबित पड़ी माँग थी, जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए एक बहुत ही सराहनीय फैसला सुनाया है। साथ ही उन्होंने यह भी माँग उठाई कि आगामी छात्रसंघ चुनाव केवल और केवल 'प्रत्यक्ष प्रणाली' (Direct Voting System) के माध्यम से ही संपन्न कराए जाने चाहिए।

💰 बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का लगाया गंभीर आरोप

प्रेसवार्ता के दौरान एनएसयूआई ने सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपेक्षा सूर्यवंशी ने आरोप लगाते हुए कहा, "यदि चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाते हैं, तो बीजेपी पैसों के बल पर क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR) को खरीदने की कोशिश करेगी। जो पार्टी विधायकों और सांसदों को खरीदकर चुनी हुई सरकारें गिरा सकती है, उसके लिए साधारण कॉलेज के क्लास रिप्रेजेंटेटिव को खरीदना कोई बड़ी बात नहीं होगी।" उन्होंने आगे कहा कि अगर चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होते हैं, तो केवल वही छात्र राजनीति के मैदान में आगे आएंगे जो वास्तव में निस्वार्थ भाव से छात्र हितों के लिए राजनीति करना चाहते हैं।

📱 मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर संवाद पर भी साधा निशाना

हाल ही में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा छिंदवाड़ा दौरे के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर (Social Media Influencers) के साथ की गई चर्चा पर भी एनएसयूआई ने सवाल खड़े किए। जिला अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि, "अब बीजेपी सरकार को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी की ताकत का अहसास होने लगा है। उन्हें अच्छी तरह समझ आ गया है कि अब यह नया मीडिया और युवा वर्ग उनके लिए एक बड़ा राजनीतिक खतरा साबित हो सकता है। आम जनता और युवाओं का सरकार से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है, यही वजह है कि मुख्यमंत्री को अब सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स के साथ बैठकें करने की मजबूरी पड़ रही है।"

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