मध्य प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप, अगले 48 घंटे इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र और आक्रामक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आगामी 48 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। इस दौरान मौसम विभाग ने रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और जबलपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। इधर, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, बड़े बांधों के गेट खोले जा रहे हैं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
🌀 कम दबाव का क्षेत्र बना मूसलाधार बारिश की मुख्य वजह
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तर ओडिशा और झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का यह क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियाँ और अधिक तेज हो गई हैं। आगामी 48 घंटे बारिश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहने वाले हैं। वर्तमान में मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) बीकानेर, ग्वालियर, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होते हुए सीधे बंगाल की खाड़ी तक पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है।"
📊 डिंडोरी में 150 मिमी और रायसेन में दर्ज की गई 143 मिमी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर सबसे अधिक तीव्र देखा गया। डिंडोरी जिले के बजाग क्षेत्र में सर्वाधिक 150 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा डिंडोरी, अनूपपुर और नरसिंहपुर के कई अन्य हिस्सों में भी झमाझम पानी गिरा है। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में रायसेन जिले के उदयपुरा में 143 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही नर्मदापुरम क्षेत्र में 44 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएँ चलीं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
🌊 नदियां उफान पर, कई जिलों के गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
लगातार जारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में हालात बिगड़ने लगे हैं। डिंडोरी में एक कच्चा मकान गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। उधर, नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद निचले तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़कर 437.6 मीटर तक जा पहुँचा है। उमरिया जिले के जोहिला बांध के पाँच गेट खोलने पड़े हैं, जबकि विदिशा में रहटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे संपर्क बाधित हुआ है।
⚠️ इन जिलों के लिए जारी की गई है भारी खतरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और जबलपुर में अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया है। इसके अलावा विदिशा, राजगढ़, बैतूल, गुना, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर और छतरपुर जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन तमाम इलाकों में गरज-चमक के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है।
📅 10 अगस्त से बदलेगा बारिश का दायरा और आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अगस्त को विदिशा, राजगढ़, सीहोर, देवास और हरदा जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके साथ ही श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, उज्जैन और शाजापुर में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, 11 अगस्त को मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, श्योपुर और मुरैना में भी बारिश का दौर लगातार जारी रह सकता है। हालाँकि, राहत की खबर यह है कि 12 और 13 अगस्त को प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और इसके हल्की से मध्यम रहने की संभावना है।
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