ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में प्रशासन का कड़ा पहरा, अवैध परिवहन रोकने के लिए बनाए गए 8 चेक पोस्ट
ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रतिबंधित खदानों और रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध परिवहन रोकने के लिए आठ चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
ग्वालियर। ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के सख्त आदेशों के बाद प्रतिबंधित की गईं सभी खदानों की निगरानी के लिए अब एक मजबूत और कड़ा सुरक्षा घेरा खड़ा कर दिया गया है। इन खदानों से लेकर आने-जाने वाले एक-एक रूट पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि यहाँ से किसी भी प्रकार का अवैध परिवहन न किया जा सके। बिलौआ क्षेत्र में इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए कुल आठ विशेष चेकिंग पॉइंट और संयुक्त दलों का गठन किया गया है, जिनमें माइनिंग (खनिज), राजस्व (Revenue) और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
👩⚖️ कलेक्टर और एसएसपी ने किया औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
रविवार को जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह तथा अन्य प्रमुख विभागीय अधिकारियों के साथ बिलौआ खनन क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिबंधित की गई खदानों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन होना चाहिए। बिलौआ क्षेत्र की इन प्रतिबंधित खदानों से किसी भी कीमत पर न तो कोई उत्खनन होना चाहिए और न ही किसी प्रकार का परिवहन किया जाना चाहिए। प्रशासन इसकी जमीनी वस्तुस्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखेगा। कलेक्टर के इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्र में आठ अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं और जिला प्रशासन द्वारा विशेष जाँच दलों का गठन किया गया है। इस बहुचर्चित बिलौआ खनन मामले की सोमवार को उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई भी नियत है।
📋 एसडीएम ने दी पिछली कार्रवाई और 16 प्रतिबंधित खदानों की जानकारी
इस निरीक्षण के दौरान डबरा की एसडीएम जूही गर्ग ने वरिष्ठ अधिकारियों को बिलौआ खनन क्षेत्र के सभी संवेदनशील रूटों और खदानों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम ने पिछले दिनों प्रशासन द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई और गतिविधियों की जानकारी देते हुए क्षेत्र की कुल 16 प्रतिबंधित खदानों की वस्तुस्थिति पर विस्तृत प्रकाश डाला।
इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर (ADM) सी.बी. प्रसाद, एसडीएम डबरा जूही गर्ग, संयुक्त कलेक्टर भूमिजा सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव, जिला खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
✈️ ड्रोन सर्वे पूरा, आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में अधिकारियों की ड्यूटी तैनात
बिलौआ में अवैध खनन और अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही बेहद सख्त रुख अपनाते हुए यहाँ की खदानों का आधुनिक ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, जिसे अब सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता अकरम खान की ओर से याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा, अदालत के स्पष्ट आदेशों के पालन में नए खनिज अधिकारी की नियुक्ति भी पहले ही की जा चुकी है।
निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए चेक पॉइंट से लेकर चेकिंग दलों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी प्रशासनिक दलों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों (Executive Magistrates) को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जा सके।
🚛 प्रशासनिक सख्ती का असर: रूटीन ट्रैफिक और परिवहन में आई भारी कमी
बिलौआ क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ हाईकोर्ट की कड़ी सख्ती और जिला प्रशासन की चौबीसों घंटे चल रही निगरानी का असर अब मैदानी स्तर पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। इलाके के रूटीन ट्रैफिक में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा, प्रशासनिक सख्ती के डर से जो वैध रूप से संचालित खदानें हैं, उनके द्वारा भी खनिज पदार्थों का परिवहन अब पहले की तुलना में काफी कम किया जा रहा है।
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