मध्य प्रदेश में यूसीसी के खिलाफ मुस्लिम संगठनों का बड़ा आंदोलन, 16 अगस्त से शुरू होगा अभियान
मध्य प्रदेश में यूसीसी (UCC) के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। 16 अगस्त से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूसीसी (UCC) को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा बोर्ड के अन्य सदस्य मुफ्ती जुनैद फलाही ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रदेश में होने वाले इस आगामी आंदोलन की रूपरेखा साझा की। विधायक आरिफ मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में लाया गया यूसीसी का ड्राफ्ट और बिल न केवल मुसलमानों के बल्कि पूरे देश के संविधान का मखौल उड़ाने जैसा है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 25 (Article 25) के तहत देश के सभी नागरिकों को अपने धर्म के अनुसार जीने और आचरण करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन यह नया बिल हर धर्म के इसी मौलिक अधिकार को प्रभावित करेगा। इसके विरोध में अब मुस्लिम संगठन पूरे प्रदेश में संवाद और ज्ञापन सौंपने का अभियान शुरू करने जा रहे हैं।
👩🦰 यूसीसी के खिलाफ हर जिले में महिलाएं सौंपेंगी ज्ञापन, 16 अगस्त से होगा आगाज
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और मिली काउंसिल सहित कई प्रमुख संगठन मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेंगे। आगामी 16 अगस्त से 20 अगस्त के बीच राज्यपाल के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन की सबसे खास बात यह होगी कि ज्ञापन सौंपने वाले 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 17 महिलाएं शामिल होंगी, जो यह दर्शाती हैं कि इस अभियान की मुख्य कमान महिलाओं के हाथों में होगी। इसके बाद 21 अगस्त से प्रदेशभर में इस संवेदनशील विषय पर व्यापक संवाद अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसमें अन्य समुदायों के लोगों से भी चर्चा करने की योजना बनाई गई है।
🗳️ विधानसभा में सिलेक्ट कमेटी की मांग खारिज, सरकार पर उठाए सवाल
विधायक आरिफ मसूद ने जानकारी दी कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी और मांग की थी कि इस बिल को एक 'सिलेक्ट कमेटी' के पास संशोधन के लिए भेजा जाए ताकि इस पर विस्तार से और गहराई से चर्चा हो सके। हालांकि, सरकार ने इस पर पुनर्विचार करने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, सरकार द्वारा यूसीसी के समर्थन में लाखों लोगों के समर्थन मिलने के दावे पर भी सवाल उठाते हुए मसूद ने कहा कि महज कुछ ही दिनों में अचानक समर्थन की संख्या हजारों से बढ़कर लाखों में कैसे पहुंच गई, यह जांच का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आदिवासी वर्ग भी इस मुद्दे पर उनके साथ है और उन्हें कानूनी व न्यायिक मोर्चे पर अवश्य न्याय मिलेगा।
🤝 'राइट ऑफ द अनहर्ड' के जरिए वंचितों की आवाज बुलंद करेंगे मौलाना जुनैद फलाही
प्रेस वार्ता के दौरान मौलाना जुनैद फलाही ने समाज के शोषित और वंचित तबके को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि समाज में एक बहुत बड़ा ऐसा तबका मौजूद है जो पूरी तरह वंचित है, जिसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं होती और जिन्हें समय पर इंसाफ नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों की आवाज उठाने के लिए 'राइट ऑफ द अनहर्ड' (Right of the Unheard) नाम से एक नया समूह तैयार किया जाएगा, जो समाज के हर उस व्यक्ति की आवाज को बुलंद करेगा जो अपनी बात प्रशासनिक या मंचों तक पहुँचाने में असमर्थ हैं।
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