राजगढ़ में उफनते नाले में बही इको कार, 7 लोगों के शव बरामद और रेस्क्यू जारी
राजगढ़ जिले के पड़ाना में उफनते नाले को पार करते समय 11 लोगों से भरी इको कार बह गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि राहत और बचाव कार्य जारी है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में मानसून के दौरान एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक उफनते हुए नाले को पार करते वक्त 11 लोगों से भरी एक इको कार तेज बहाव में बह गई। इस भीषण हादसे में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से दो लोगों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दोपहर तक 7 लोगों के शव पानी से बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
🚗 धार्मिक स्थल के दर्शन के लिए जा रहा था परिवार, नाले के तेज बहाव में समाई कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवास जिले के सतवास गाँव के पास स्थित एक परिवार के 11 सदस्य इको कार में सवार होकर राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील के कड़नावदगाँव में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर दर्शन करने के लिए जा रहे थे। इस कार में कुल 4 बच्चे, 4 महिलाएं और 3 पुरुष सवार थे। जैसे ही उनकी कार पड़ाना बायपास के पास पहुँची, वहाँ एक नाला अपने पूरे उफान पर बह रहा था।
नाले का जलस्तर इतना अधिक था कि उसका पानी सड़क के ऊपर तक आ चुका था। इसके बावजूद चालक ने कार को रोकने या इंतजार करने के बजाय उसे नाले में उतारकर पार करने की दुस्साहसिक कोशिश की। इस प्रयास में भारी वाहन का वजन और पानी का तेज वेग टिक नहीं सका, और कार अनियंत्रित होकर चंद मिनटों में ही नाले के तेज बहाव में समा गई।
⚠️ स्थानीय लोगों की चेतावनी को नजरअंदाज कर ड्राइवर ने उतारी कार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले मौके पर मौजूद 5-6 लोगों ने कार चालक को बार-बार समझाया था कि नाले का बहाव बहुत तेज है और पार करना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों ने ड्राइवर से कहा था कि कुछ देर यहीं रुककर बारिश थमने और नाले का पानी उतरने का इंतजार कर लें। आसपास के अन्य समझदार लोग भी उस समय नाला पार करने का जोखिम नहीं उठा रहे थे, लेकिन ड्राइवर ने किसी की एक नहीं सुनी और अपनी जिद में कार को पानी में आगे बढ़ा दिया, जिसके चलते यह बड़ा हादसा घटित हो गया। पानी का बहाव इतना तेज और नाला इतना गहरा था कि कार गिरते ही लोगों की आँखों से ओझल हो गई और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
👥 दो लोग सुरक्षित बचे, कार चालक मुकेश और हुकुमसिंह ने बचाई जान
इस भयंकर हादसे में गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की त्वरित मदद से कार में सवार दो पुरुषों (मुकेश और हुकुमसिंह) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कार को मुकेश नायक चला रहा था, जो धांसड़गाँव का रहने वाला है और उसने यह नई कार करीब 6-7 महीने पहले ही खरीदी थी। मुकेश के भाई बाला नायक ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी की सूचना सुबह करीब 11:30 बजे तब मिली जब मुकेश ने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह भी आष्टा के रास्ते घटनास्थल के लिए रवाना हो गए थे।
🛡️ जिला प्रशासन और ग्रामीण कर रहे हैं राहत व बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही सारंगपुर एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस-प्रशासन का अमला तुरंत मौके पर पहुँच गया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय ग्रामीण भी रस्सों की मदद से रेस्क्यू अभियान में डटे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद कार को पानी से बाहर निकाला गया और अब तक 7 शवों को बरामद किया जा चुका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में शंकर, विशाल, सागरबाई, पूजा, रीनू, हुकुम, वंशिका, राजवीर, जसप्रीत, आनंद और ड्राइवर मुकेश सवार थे। प्रशासन द्वारा शेष लोगों की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है।
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