वाहन चेकिंग के दौरान सड़कों पर मचा हड़कंप, हूटर और काली फिल्म लगी गाड़ियों पर हुई कार्रवाई
मुरैना में जिला न्यायालय के न्यायाधीशों ने सड़क पर उतरकर वाहनों की मजिस्ट्रेट चेकिंग की। नगर निगम सभापति की गाड़ी समेत 24 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक लंबे अंतराल के बाद अचानक सड़कों पर मजिस्ट्रेट चेकिंग का दौर शुरू हुआ, जिससे शहर के वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। जिला न्यायालय के आधा दर्जन न्यायाधीश जब खुद सड़क पर वाहनों की जांच करने के लिए बैठे, तो शहर की यातायात व्यवस्था में तुरंत सुधार दिखाई देने लगा। लगभग चार घंटे तक चली इस सख्त कार्रवाई के दौरान नगर निगम के सभापति की गाड़ी सहित कुल 24 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई और मौके से 80 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया।
⛺ सड़क किनारे टेंट लगाकर बैठे आधा दर्जन न्यायाधीश और पुलिस बल
मुरैना के पुराने बस स्टैंड और राधिका पैलेस चौराहे पर शाम पांच बजे से मजिस्ट्रेट चेकिंग की शुरुआत की गई। जिला न्यायालय के सीजेएम (CJM) अजय सिंह की अगुवाई में लगभग आधा दर्जन न्यायाधीश सड़क किनारे टेंट लगाकर खुद मुआयना करते नजर आए। इस दौरान कोतवाली, स्टेशन रोड और यातायात थाने के टीआई के नेतृत्व में 40 से 50 पुलिसकर्मियों को वाहनों की चेकिंग के लिए तैनात किया गया था। रात आठ बजे तक चली इस कार्रवाई में बिना नंबर प्लेट के चार पहिया वाहन, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहन, अवैध हूटर लगे वाहन और अन्य जरूरी दस्तावेजों की कमी वाले वाहनों को धड़ल्ले से पकड़ा गया।
🚙 काली फिल्म उतरवाई और नगर निगम सभापति की गाड़ी पर लगा जुर्माना
न्यायाधीशों ने कारों की खिड़कियों के शीशों पर ब्लैक फिल्म (काली फिल्म) चढ़ाकर घूमने वाले वाहन चालकों को रुकवाकर खुद अपनी निगरानी में शीशों से फिल्म उतरवाई। इसी चेकिंग के दौरान नगर निगम के सभापति राधारमण डंडौतिया अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से वहाँ से गुजरे, जिस पर अवैध रूप से हूटर लगा हुआ था। मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान इस गाड़ी को रोक लिया गया, जिसके बाद सभापति अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर बाइक से घर रवाना हो गए। सभापति ने आरोप लगाया कि उनके साथ महापौर की गाड़ी भी थी, लेकिन विपक्ष के होने के कारण पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक ली और महापौर को जाने दिया। न्यायाधीश ने सभापति की गाड़ी पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया और उस पर लगे अवैध हूटर को भी उतरवा दिया। इस अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहन चालकों पर 2,000 से 5,000 रुपये तक का जुर्माना ठोका गया।
🚫 सड़कों से गायब हुए ई-रिक्शा, वाहन चालकों ने बदले रास्ते
मजिस्ट्रेट चेकिंग का खौफ ऐसा था कि अंबाह, पोरसा, बाईपास और वीआईपी रोड की तरफ से आने वाले वाहन चालक पुलिस को देखते ही उल्टे पाँव लौटने लगे। जिस एमएस रोड पर रोजाना दिनभर ई-रिक्शों के बेतरतीब झुंड और जाम की स्थिति बनी रहती है, वह ई-रिक्शा अचानक सड़कों से पूरी तरह गायब नजर आए। इसके अलावा, आम दोपहिया वाहन चालकों ने भी मुख्य एमएस रोड से बचने के लिए अंदरूनी कॉलोनियों और मोहल्लों के रास्तों का उपयोग करना शुरू कर दिया, जिससे प्रशासन की इस कार्रवाई का असर साफ तौर पर शहरभर में दिखाई दिया।
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