मध्य प्रदेश कोचिंग एक्ट: अब सरकार के दायरे में आएंगे कोचिंग संस्थान, रजिस्ट्रेशन और छात्र संख्या होगी तय

मध्य प्रदेश में कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए सरकार नया कानून लाने की तैयारी में है। अब सभी सेंटर्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और कलेक्टर कार्रवाई कर सकेंगे।

Jun 7, 2026 - 23:02
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मध्य प्रदेश कोचिंग एक्ट: अब सरकार के दायरे में आएंगे कोचिंग संस्थान, रजिस्ट्रेशन और छात्र संख्या होगी तय

भोपाल। मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोचिंग संस्थानों पर राज्य सरकार अब कड़ा नियंत्रण करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के कोचिंग संस्थानों को अब कानूनी दायरे में लाने के लिए सरकार जल्द ही एक नया अधिनियम (Act) लेकर आने जा रही है, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए कानून के तहत सभी कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, क्लास में छात्रों की संख्या भी निर्धारित की जाएगी। यह कदम सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में उठाया है।

 रजिस्ट्रेशन अनिवार्य और छात्रों की संख्या पर भी लगेगी लगाम

नए नियमों के मुताबिक, प्रदेश में संचालित होने वाले छोटे-बड़े सभी कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। नए नियमों में यह भी तय किया जा रहा है कि कोचिंग संस्थान के पास उपलब्ध बिल्डिंग का क्षेत्रफल, वहां पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के अनुपात में हो। इसके अलावा, एक बैच में छात्रों की अधिकतम संख्या भी तय की जाएगी, ताकि निश्चित संख्या से अधिक बच्चों को एक क्लास में न बैठाया जा सके।

कलेक्टरों को मिलेंगे कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई के विशेष अधिकार

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कोचिंग संस्थानों का जाल तेजी से फैला है, लेकिन वर्तमान में इन पर सरकार का कोई सीधा नियंत्रण नहीं है। प्रस्तावित नियमों में जिला कलेक्टरों को कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण और कार्रवाई के व्यापक अधिकार दिए जाएंगे। यदि संस्थान में गड़बड़ी पाई जाती है, तो कलेक्टर को उन पर भारी जुर्माना लगाने और संस्थान को सील (ताला जड़ने) करने का अधिकार भी होगा। सुरक्षा मानकों के तहत संस्थान की बिल्डिंग में आपातकालीन द्वार (Emergency Exit), पर्याप्त वेंटिलेशन और छात्रों के बैठने के लिए उचित स्थान होना अनिवार्य होगा। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलर की नियुक्ति भी अनिवार्य की जाएगी।

 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार की पहल, टास्क फोर्स के बाद अब कानून की तैयारी

कोटा (राजस्थान) में पिछले कुछ वर्षों में हुई दुखद घटनाओं को लेकर देशभर में कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने की चर्चा छिड़ी हुई है। इसे लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने भी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व में उच्च शिक्षा आयुक्त की निगरानी में एक टास्क फोर्स गठित की थी। इस टास्क फोर्स में स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। अब राज्य सरकार इसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए विधिवत अधिनियम लाने जा रही है।

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