सिवनी में उफनती नदी पार कर निकाली गई अंतिम यात्रा, गंजटोला कब्रिस्तान का दर्दनाक वीडियो आया सामने
सिवनी और श्योपुर से आए दर्दनाक मामलों में ग्रामीणों को उफनती नदी और जलभराव वाले अंडरब्रिज से होकर अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी। प्रशासन से पुल निर्माण की मांग की जा रही है।
किसी अपने को खोने का दुख पहले ही परिवार को अंदर से तोड़ देता है, और जब प्रियजन की अंतिम यात्रा पर भी कुदरत और व्यवस्था की दोहरी मार पड़ जाए, तो उस दर्द की कल्पना करना भी मुश्किल होता है। लखनादौन जनपद की ग्राम पंचायत गणेशगंज से एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गंजटोला कब्रिस्तान तक अंतिम यात्रा निकालने के लिए लोगों को उफनती मुतिया नदी पार करनी पड़ी। गर्मी और सामान्य दिनों में तो ग्रामीण किसी तरह नदी पार कर जनाजा कब्रिस्तान पहुँचा देते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में यह अंतिम सफर परिजनों के लिए बेहद खतरनाक और जोखिम भरा बन जाता है।
⚠️ कमर से ऊपर बहता है पानी, कई बार करना पड़ता है इंतजार
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में मुतिया नदी का जलस्तर बढ़कर कमर से भी ऊपर चला जाता है। कई बार तो अंतिम यात्रा निकालने के लिए पानी का बहाव कम होने का लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिसके चलते अंतिम संस्कार में भी देरी की स्थिति बन जाती है। एक तरफ परिजनों को अपने किसी अपने को हमेशा के लिए खोने का गम होता है, तो दूसरी तरफ शव के साथ उफनती नदी को सही-سلامत पार करने की चिंता सताती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पुल या रपटा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और बुनियादी जरूरत से जुड़ा मामला है।
🏛️ वर्षों से पुल की मांग कर रहे ग्रामीण, विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल
गाँव के मतीन खान, फईम मोहम्मद, इरफान खान, सोहेल खान और शमीम खान ने बताया कि मुतिया नदी पर पुल या रपटा निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इस मामले पर लखनादौन के विधायक योगेंद्र बाबा ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समस्या पुरानी है और इसके लिए प्रशासन के माध्यम से प्रपोजल भेजा जा चुका है, लेकिन जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
🚆 श्योपुर में भी बदतर हालात: अंडरब्रिज के पानी के बीच से निकालनी पड़ी अर्थी
सिवनी जैसी ही एक और दर्दनाक तस्वीर श्योपुर जिले से सामने आई है, जहाँ वीरपुर रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। वीरपुर निवासी रूपेश बंसल के 75 वर्षीय पिता नरोत्तम प्रसाद बंसल के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा कमर तक भरे पानी के बीच से निकालनी पड़ी। परिजन और ग्रामीण अर्थी को कंधों पर उठाकर पानी के बीच से मुक्तिधाम पहुँचे। स्थानीय निवासी इस्ताक खान ने बताया कि 3-4 साल पहले बने इस अंडरब्रिज में जल निकासी के इंतजाम न होने से हर साल यही समस्या होती है, जिस पर रेलवे और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
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