ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान में जल्द गूंजेगी नए रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, देहरादून जू से होगा एनिमल एक्सचेंज

ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान में जल्द ही एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत रॉयल बंगाल टाइगर लाया जाएगा। इसके बदले देहरादून जू को एक व्हाइट टाइगर दिया जाएगा।

Aug 12, 2026 - 15:18
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ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान में जल्द गूंजेगी नए रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, देहरादून जू से होगा एनिमल एक्सचेंज

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान (ग्वालियर जू) में जल्द ही एक नए मेहमान की दहाड़ सुनाई देने वाली है। चिड़ियाघर में जल्द ही एक और नया रॉयल बंगाल टाइगर आने की पूरी तैयारी चल रही है। हालांकि, इस अदला-बदली के तहत ग्वालियर जू को अपने एक व्हाइट टाइगर को देहरादून जू को अलविदा भी कहना होगा। देश भर के विभिन्न चिड़ियाघरों में वन्यजीवों की प्रजातियों के संरक्षण और उनकी संख्या को संतुलित रखने के लिए समय-समय पर एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों का आदान-प्रदान किया जाता है, और इसी कड़ी में यह अहम कदम उठाया जा रहा है।

🤝 देहरादून जू प्रबंधन के साथ हो चुकी है चर्चा, जेनेटिक समस्याओं को दूर करने की प्लानिंग

ग्वालियर जू प्रबंधन की इस संबंध में देहरादून जू प्रबंधन के साथ महत्वपूर्ण बैठक और चर्चा पूरी हो चुकी है। यह पूरा कदम गांधी प्राणी उद्यान में टाइगर्स की अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जनरेशन) को स्वस्थ रूप से तैयार करने के लिए उठाया जा रहा है। ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान के डॉ. उपेंद्र यादव के अनुसार, "एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत देहरादून चिड़ियाघर के साथ टाइगर एक्सचेंज का प्रस्ताव भेजा गया है और इस पर सहमति बन चुकी है। जैसे ही प्रक्रिया अंतिम रूप लेगी, देहरादून से एक स्वस्थ रॉयल बंगाल टाइगर ग्वालियर लाया जाएगा और यहाँ से एक वयस्क व्हाइट टाइगर देहरादून भेजा जाएगा।" उन्होंने बताया कि इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और एक ही वंशावली (इनब्रीडिंग) में लगातार प्रजनन से जानवरों में आने वाली आनुवंशिक या जेनेटिक समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम हो जाएगा।

🧬 ब्रीडिंग को बेहतर बनाने के लिए साढ़े तीन से चार साल की उम्र का होगा टाइगर

डॉ. उपेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ग्वालियर जू में 3 शावकों समेत कुल 10 बाघ मौजूद हैं। देहरादून से जो नया रॉयल बंगाल टाइगर ग्वालियर लाया जाएगा, उसकी उम्र लगभग साढ़े 3 से 4 वर्ष के बीच होगी। इतनी उम्र का होने के कारण वह पूरी तरह से परिपक्व (मेच्योर) होगा, जिससे भविष्य में ब्रीडिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। इसी तरह ग्वालियर जू से भी इतनी ही उम्र का एक वयस्क टाइगर देहरादून जू को सौंपा जाएगा। दोनों ही जू प्रबंधन के बीच इस पर आपसी सहमति बन चुकी है और जल्द ही सभी औपचारिकताएं व कागजी कार्रवाई पूरी करके जानवरों के आदान-प्रदान के काम को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

📊 ग्वालियर जू में वर्तमान में मौजूद हैं कुल 10 बाघ

ग्वालियर चिड़ियाघर प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान समय में गांधी प्राणी उद्यान में कुल 10 बाघ रह रहे हैं। इनमें से कुछ मादा बाघों की आयु 13 से 14 वर्ष तक पहुँच चुकी है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए और बाघों की नई पीढ़ी को पूरी तरह स्वस्थ व मजबूत बनाने के लिए जू में एक नई ब्लडलाइन के टाइगर को शामिल करना बेहद जरूरी माना जा रहा था, ताकि ग्वालियर जू की रौनक और वन्यजीव संरक्षण का यह दायरा और अधिक मजबूत हो सके।

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