रतलाम के स्पा सेंटर में थाई युवतियों का नेटवर्क: टूरिस्ट वीजा का दुरुपयोग, जयपुर-उदयपुर से जुड़े तार
रतलाम के तुलसी वाटर पार्क स्थित स्पा सेंटर पर पुलिस की दबिश में थाई युवतियों के मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसके तार जयपुर और उदयपुर से जुड़े हैं।
रतलाम। नामली-पंचेड़ रोड स्थित तुलसी वाटर पार्क की आड़ में चल रहे स्पा सेंटर पर पुलिस दबिश में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहाँ थाईलैंड की युवतियां ग्राहकों से बातचीत करने के लिए 'गूगल ट्रांसलेटर' का सहारा लेती थीं। सेंटर पर 30 और 45 मिनट के हिसाब से अलग-अलग शुल्क तय थे। पुलिस ने मामले में नामली निवासी दिलीप पुत्र प्रहलादसिंह ठाकुर, राजस्थान के पाली निवासी नरेश चौहान, जोधपुर निवासी भरत मेवाड़ा और रतलाम निवासी योगेशसिंह डाबी के अलावा एक महिला को नामजद किया है।
राजस्थान के उदयपुर और जयपुर तक फैले हैं इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के तार
कार्रवाई के बाद अब जांच पूरी तरह से अंतरराज्यीय नेटवर्क पर केंद्रित हो गई है, जिसकी जड़ें राजस्थान के उदयपुर और जयपुर तक पहुंच रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन शहरों को बड़े 'ट्रांजिट हब' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यहाँ से थाईलैंड समेत उत्तर-पूर्वी राज्यों की युवतियों को मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के स्पा सेंटरों तक भेजा जाता है। पुलिस अब इस मामले में मानव तस्करी, टूरिस्ट वीजा के दुरुपयोग और संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
व्हॉट्सऐप ग्रुप से चलता था पूरा खेल, मीडियेटर सिस्टम का हुआ खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर पर मिली थाई युवतियों को करीब छह-सात माह पहले उदयपुर और जयपुर से रतलाम लाया गया था। यह नेटवर्क एक तय पैटर्न पर काम करता है, जिसमें युवतियों को हर छह-सात माह के अंतराल पर अलग-अलग शहरों के स्पा सेंटरों में भेज दिया जाता है। आशंका है कि इसी तरह रतलाम समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी युवतियों की सप्लाई की जा रही है।
जांच में एक 'मीडियेटर सिस्टम' भी सामने आया है, जो विभिन्न राज्यों और विदेशों से युवतियों की व्यवस्था कर स्पा संचालकों से संपर्क बनाए रखता है। पुलिस को ऐसे कई व्हाट्सऐप ग्रुप की जानकारी मिली है, जिनके जरिए युवतियों की आवाजाही, ठहराव, भुगतान और नए सेंटरों पर नियुक्ति तय होती है। इन सभी युवतियों को मसाज स्टाफ बताकर रखा गया था।
जयपुर और उदयपुर बने हैं स्पा नेटवर्क के बड़े संचालन केंद्र
मालूम हो कि राजस्थान के जयपुर में भी पिछले दिनों करीब 40 स्पा सेंटरों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई है, जहाँ कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई थीं। जांच एजेंसियां अब जयपुर, उदयपुर और मध्यप्रदेश के शहरों के बीच सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जयपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन स्थल स्पा नेटवर्क के बड़े संचालन केंद्र बन चुके हैं।
पुलिस करेगी भारतीय दूतावास से संपर्क, वीजा शर्तों के उल्लंघन की जांच
पुलिस अब युवतियों के वीजा की वैधता और शर्तों की जांच के लिए भारतीय दूतावास (Indian Embassy) से संपर्क करेगी। सामने आया है कि युवतियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थीं, जबकि नियमों के अनुसार टूरिस्ट वीजा पर किसी भी तरह के रोजगार या व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होती है। ऐसे में स्पा सेंटरों में कार्यरत पाए जाने पर यह वीजा शर्तों का गंभीर उल्लंघन है। फिलहाल जांच एजेंसियां स्थानीय सहयोगियों, होटल मालिकों और परिवहन नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
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