इंदौर में होगी BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक: शिवराज सिंह चौहान ने बताई प्राथमिकताएं, छोटे किसानों पर रहेगा विशेष जोर

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित होने वाली BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और कृषि स्टार्टअप्स पर चर्चा होगी।

Jun 8, 2026 - 15:22
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इंदौर में होगी BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक: शिवराज सिंह चौहान ने बताई प्राथमिकताएं, छोटे किसानों पर रहेगा विशेष जोर

भोपाल। भारत इस वर्ष ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्मेलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय, महिला सशक्तिकरण और कृषि में युवाओं की भागीदारी इस बैठक के मुख्य विषय होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में स्थापित ब्रिक्स आज 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों का एक प्रभावशाली समूह है। वैश्विक कृषि परिदृश्य में इसका योगदान अद्वितीय है, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि और 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों में ही होता है।

छोटे किसानों पर टिकी है वैश्विक खाद्य सुरक्षा

शिवराज सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा का वास्तविक आधार हमारे छोटे और सीमांत किसान हैं। अतः ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग का केंद्र भी इन्हीं किसानों की आवश्यकताएं और चुनौतियां होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसंधान और नवाचार (Innovation) का लाभ सीधे छोटे किसानों तक पहुंचना अनिवार्य है, ताकि उनकी उत्पादकता और आय दोनों में सकारात्मक वृद्धि हो सके।

भारत की ऐतिहासिक भूमिका और भविष्य की रणनीति

भारत इससे पहले वर्ष 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। विशेष रूप से 2016 में भारत की पहल पर ही 'ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच' की स्थापना हुई थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की वर्तमान अध्यक्षता में अब तक अधिकारियों की आठ बैठकें सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। इस वर्ष का मुख्य एजेंडा लघु एवं सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर एक टिकाऊ कृषि विकास की रणनीति तैयार करना है।

महिलाओं और युवाओं की कृषि में सक्रिय भागीदारी पर जोर

मंत्री ने कहा कि खेती में महिलाओं की भागीदारी पहले से ही महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें और अधिक संसाधन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही, युवाओं का रुझान आधुनिक कृषि, 'एग्री-स्टार्टअप' और तकनीक-आधारित खेती की ओर बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक आबादी के बीच खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना ब्रिक्स देशों की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए कृषि व्यापार, तकनीकी सहयोग और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने हेतु एक साझा रणनीति बनाई जाएगी।

 पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी किसानों की आय

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है। लाभकारी कृषि के लिए पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को खेती के साथ जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इससे किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत मिलेंगे। बैठक के दौरान इंदौर में विकसित की जा रही 'ब्रिक्स वाटिका' में सभी सदस्य देशों के कृषि मंत्री और प्रतिनिधि पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगे।

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