इंदौर एमआर-10 (MR-10) पर बना नया ब्लैक स्पॉट: पुराने टोल नाके के पास बढ़े सड़क हादसों के खतरे, जानें पूरी समस्या
इंदौर के एमआर-10 स्थित पुराने टोल नाके पर नया ब्लैक स्पॉट बना मुसीबत। वाहन चालकों द्वारा कट खोलने से बढ़े हादसे। पुलिस जल्द ही डिवाइडर बनाकर इसे बंद करेगी।
इंदौर। इंदौर शहर को यातायात में नंबर-वन बनाने और ब्लैक स्पॉट (Black Spot) को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच एमआर-10 (MR-10) पर पुराने टोल नाके के निकट एक नया ब्लैक स्पॉट उभरकर सामने आया है। टोल नाका हटने के बाद एमआर-10 ब्रिज से वाहन चालक तेज गति से आते हैं, जबकि डिवाइडर में एक लंबा कट होने के कारण स्थिति अत्यंत खतरनाक बनी हुई है। इस स्थान पर क्रॉसिंग के दौरान ब्रिज से उतरने वाले और लवकुश चौराहे की ओर से तेज गति में आ रहे वाहनों के बीच अक्सर टकराव होता है, जिससे दिन-रात बड़े हादसों का डर बना रहता है।
चौराहे पर डायवर्जन और सिग्नल्स की समस्या
दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने टोल नाके के आगे एक नया चौराहा बनाकर सिग्नल भी लगाया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह पिछले कुछ दिनों से बंद पड़ा है। लवकुश चौराहे पर डबल-डेकर ब्रिज के सर्विस रोड का निर्माण कार्य जारी रहने के कारण, एमआर-10 से मरीमाता जाने वाले वाहनों को इसी पुराने टोल नाके वाले चौराहे से डायवर्जन दिया गया है। इस कारण लवकुश चौराहा, कुमेड़ी की दर्जनभर कॉलोनियों और एमआर-10 ब्रिज से आने वाले वाहन चालक आपस में उलझते हैं। हालांकि, चौराहे के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, फिर भी हादसों का खतरा बना हुआ है।
वाहन चालकों ने मनमानी कर खोल दिया 'कट'
सुरक्षा के दृष्टिकोण से डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पुराने टोल नाके पर मौजूद लंबा कट सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इससे पहले यातायात पुलिस ने यहां अस्थायी रूप से ड्रम और रस्सी लगाकर कट बंद करने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ वाहन चालकों ने अपनी सुविधा के लिए स्वयं ही उस कट को हटा दिया। नतीजा यह है कि एमआर-10 ब्रिज से उतरने वाले वाहन चालक सीधे 'एमआर ग्रीन' की ओर मुड़ जाते हैं, जबकि दूसरी ओर से तेज गति से आ रहे वाहन ब्रिज की ओर बढ़ते हैं, जो किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
डिवाइडर बनाकर कट को किया जाएगा समाप्त
यातायात विभाग के अनुसार, समस्या के स्थाई समाधान के लिए अब डिवाइडर बनाकर इस खतरनाक कट को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। वर्तमान में एमआर-10 पर बने नए चौराहे से मरीमाता की ओर जाने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन प्रभावी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही निर्माण कार्य और डायवर्जन की आवश्यकता समाप्त होगी, पुराने टोल नाके वाले इस लंबे कट को डिवाइडर बनाकर स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद एमआर-10 मार्ग पर केवल एक ही व्यवस्थित चौराहा रहेगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना नगण्य हो जाएगी। साथ ही, बंद पड़े सिग्नल को भी जल्द से जल्द सुचारू रूप से चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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