महाकाल मंदिर में 'पुष्पा' स्टाइल का क्रेज: फिल्म का स्वांग रचकर पहुंचा युवक, कर्मचारियों ने दिया वीआईपी ट्रीटमेंट

उज्जैन महाकाल मंदिर में एक युवक फिल्म 'पुष्पा' के गेटअप में पहुंचा। मंदिर कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर दी वीआईपी एंट्री। सुपरवाइजर पर हुई कार्रवाई।

Jun 9, 2026 - 15:20
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महाकाल मंदिर में 'पुष्पा' स्टाइल का क्रेज: फिल्म का स्वांग रचकर पहुंचा युवक, कर्मचारियों ने दिया वीआईपी ट्रीटमेंट

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को एक बार फिर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। एक युवक फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार का रूप धारण कर मंदिर पहुँच गया। गेट पर तैनात मंदिर के कर्मचारी इस 'बहरूपिए' से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने न केवल उसे वीआईपी गेट से प्रवेश दिलाया, बल्कि उसके साथ फोटो भी खिंचवाईं। मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सुपरवाइजर पर कार्रवाई की है।

 महाकाल मंदिर में बार-बार दोहराई जा रही अनुशासनहीनता

महाकाल मंदिर में यह पहली बार नहीं है जब विशिष्ट वेशभूषा में आए लोगों को कर्मचारियों द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया हो। इससे पहले भी एक बॉडी बिल्डर ने नीलकंठ द्वार पर शारीरिक प्रदर्शन करते हुए रील बनाई थी, जिसके बाद गार्डों ने उसके साथ फोटो खिंचवाई थी। उस समय भी मंदिर प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार गार्डों को नौकरी से हटा दिया था। बावजूद इसके, सोमवार को हुई इस घटना ने फिर से मंदिर की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 धर्म के नाम पर भजन करो, विभाजन नहीं: संत अभयमुनि

नागदा जंक्शन। इस बीच, एक अन्य कार्यक्रम में संत अभयमुनि ने धर्म के मर्म को समझाते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन तभी धन्य बनता है जब हम उसे सकारात्मक कार्यों और भक्ति से जोड़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तप, अहिंसा और भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है। संत अभयमुनि ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा, "जहाँ हिंसा होती है, वहाँ शांति का वास नहीं होता। मन में किसी के प्रति दुर्भावना हो तो वहाँ धर्म नहीं ठहरता। धर्म के नाम पर लोगों को विभाजित करना गलत है, हमें भजन करना चाहिए, विभाजन नहीं।"

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