भिलाई पावर हाउस स्टेशन का 'अमृत' हाल: 3 फीट की दूरी पर पंखे, अधूरी लिफ्ट और एस्केलेटर से यात्री परेशान

भिलाई पावर हाउस स्टेशन के आधुनिकीकरण में घोर लापरवाही। 3 फीट की दूरी पर लगे पंखे और चालू नहीं हो सकीं लिफ्ट व एस्केलेटर। यात्री सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति।

Jun 9, 2026 - 15:26
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भिलाई पावर हाउस स्टेशन का 'अमृत' हाल: 3 फीट की दूरी पर पंखे, अधूरी लिफ्ट और एस्केलेटर से यात्री परेशान

भिलाई। भिलाई के व्यस्ततम पावर हाउस रेलवे स्टेशन को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत विश्वस्तरीय बनाने का दावा किया गया था, लेकिन यहाँ चल रहे निर्माण कार्य रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। 25 से 30 हजार यात्रियों की दैनिक आवाजाही वाले इस स्टेशन पर बुनियादी प्लानिंग का ऐसा अभाव है कि नवनिर्मित ढांचों को बार-बार तोड़कर फिर से बनाया जा रहा है।

 पंखे लगाने में तकनीकी चूक: हादसे का डर

स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर लापरवाही का सबसे अजीब मामला सामने आया है। यहाँ दुर्ग छोर पर रेल पोल क्रमांक 857/6 के पास दो सीलिंग पंखे महज तीन से साढ़े तीन फीट की दूरी पर लगा दिए गए हैं। दोनों पंखे चालू हैं और उनके ब्लेड आपस में न टकराएं, इसके लिए उनकी ऊंचाई में अंतर किया गया है। यात्री इसे रेलवे अधिकारियों की अदूरदर्शिता और घोर लापरवाही का जीवंत प्रमाण मान रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

 शोपीस बनीं सुविधाएं: लिफ्ट और एस्केलेटर बंद

21 करोड़ रुपये से अधिक की इस विकास योजना में बुनियादी सुविधाएं केवल दिखावा बनकर रह गई हैं:

  • लिफ्ट और एस्केलेटर: नई लिफ्ट और एस्केलेटर की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन इन्हें अभी तक यात्रियों के लिए चालू नहीं किया गया है। इसका सबसे बुरा असर बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिला यात्रियों पर पड़ रहा है।

  • एस्केलेटर का अधूरा ढांचा: टाउनशिप की ओर एस्केलेटर का काम बीच में ही रोक दिया गया, जिससे वहां केवल लोहे का ढांचा खड़ा है।

  • सूखता गार्डन: स्टेशन परिसर में करोड़ों की लागत से बनाया गया नया गार्डन उचित रखरखाव के अभाव में पूरी तरह सूख चुका है।

 रेलवे प्रशासन का क्या है कहना?

इस मामले में सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी ने स्वीकार किया कि निर्माण कार्यों में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है और जून के अंत तक सभी कार्यों को पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। देखना यह है कि क्या जून के अंत तक यात्री सुविधाओं का लाभ जनता को मिल पाएगा या यह योजना भी फाइलों में सिमट कर रह जाएगी।

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