ग्वालियर में सड़कों के निर्माण रिकॉर्ड की जांच शुरू, मिनी ट्रक और टेंपो में भरकर कोर्ट पहुंची फाइलें
ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने 8 सड़कों के क्वालिटी सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं और कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर गुरुवार को ग्वालियर खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। नगर निगम की ओर से वर्ष 2021 से लेकर अब तक सड़कों पर हुए निर्माण कार्यों का पूरा रिकॉर्ड एक मिनी ट्रक और एक टेंपो में भरकर कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें हजारों फाइलें शामिल थीं। न्यायालय ने रिकॉर्ड की सूची तो अपने पास जमा कर ली, लेकिन भारी-भरकम फाइलों को वापस कर दिया गया। सुनवाई के दौरान जब रिकॉर्ड की सूची का अवलोकन किया गया, तो एक अहम तथ्य सामने आया कि नगर निगम द्वारा प्रस्तुत विवरण में कई प्रमुख मार्गों का रिकॉर्ड शामिल ही नहीं था, बल्कि सूची में मुख्य रूप से गली-मोहल्लों और छोटी सड़कों पर हुए कार्यों का ही ब्यौरा दिया गया था।
🧪 गुणवत्ता जांच के लिए 8 सड़कों का होगा परीक्षण, कोर्ट कमिश्नर करेंगे निरीक्षण
इस मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुणवत्ता परीक्षण के लिए आठ प्रमुख सड़कों को चिह्नित किया है, जिनके सैंपल लिए जाएंगे। इन आठ सड़कों में एक मार्ग एनएचएआइ (NHAI), एक पीडब्ल्यूडी (PWD) और छह सड़कें नगर निगम के अंतर्गत आती हैं। कोर्ट कमिश्नर के रूप में अधिवक्ता गौरव समाधिया, पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा को नियुक्त किया गया है, जो मौके पर मौजूद रहकर सैंपलिंग की पूरी प्रक्रिया संपन्न करवाएंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे न्यायालय में पेश करेंगे। सैंपलिंग के दौरान सड़क की मोटाई और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की जाएगी। निरीक्षण के वक्त यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए एसएसपी धर्मवीर सिंह स्वयं मौजूद रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई की अगली तारीख सोमवार को तय की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)