राज्यसभा चुनाव: बाड़ेबंदी की राजनीति, कांग्रेस ने अपने विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजा बेंगलुरु
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सियासी हलचल। क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु भेजा। 16 जून को लौटेंगे विधायक।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। भाजपा द्वारा प्रत्याशी उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। अपनी पार्टी के विधायकों को सुरक्षित रखने और क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने 'ऑपरेशन बेंगलुरु' शुरू कर दिया है। सभी विधायकों को चार्टर्ड प्लेन के जरिए बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट किया जा रहा है।
भाजपा पर लगा खरीद-फरोख्त का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा धनबल के जरिए उनके विधायकों को प्रलोभन दे रही है। इसी डर के चलते कांग्रेस आलाकमान कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा की ओर से महेश केवट चुनावी मैदान में हैं। बहुमत का गणित कांग्रेस के पक्ष में होने के बावजूद, पार्टी अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह सजग है।
16 जून को वापस लौटेंगे विधायक
कांग्रेस विधायक दो अलग-अलग चार्टर्ड फ्लाइट्स से बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं। ज्यादातर विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुँच चुके हैं और जल्द ही सभी को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहराया जाएगा। यह बाड़ेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। पार्टी के निर्देशानुसार, सभी विधायक 16 जून को मतदान के लिए वापस भोपाल लौटेंगे।
प्रतिष्ठा की लड़ाई बनी तीसरी सीट
राज्यसभा की यह तीसरी सीट दोनों ही प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। जहाँ कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में है, वहीं भाजपा ने तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारकर चुनाव को कांटे की टक्कर में बदल दिया है। फिलहाल, बेंगलुरु में शिफ्टिंग के बाद अब सबकी नजरें 16 जून को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं।
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