भोपाल नगर निगम का बड़ा फैसला: अब कचरा नहीं किया अलग तो लगेगा 150% जुर्माना, नए वेस्ट मैनेजमेंट नियम लागू

भोपाल में लागू हुए कड़े वेस्ट मैनेजमेंट नियम। अब कचरा 4 श्रेणियों में बांटना अनिवार्य। बड़े आयोजनों के लिए निगम की अनुमति जरूरी। पढ़ें जुर्माने और नियमों की जानकारी।

Jun 10, 2026 - 13:24
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भोपाल नगर निगम का बड़ा फैसला: अब कचरा नहीं किया अलग तो लगेगा 150% जुर्माना, नए वेस्ट मैनेजमेंट नियम लागू

भोपाल। राजधानी भोपाल में स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अब तक के सबसे कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। नगर निगम परिषद ने केंद्र सरकार के 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026' को शहर में सख्ती से लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाना और लैंडफिल साइट पर कचरे के बोझ को कम करना है।

 4 श्रेणियों में करना होगा कचरे का वर्गीकरण (4 डस्टबिन का गणित)

नए नियमों के अनुसार, अब हर नागरिक और संस्थान को अपने कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रखना अनिवार्य होगा:

  • गीला कचरा: रसोई का भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और हरी पत्तियां।

  • सूखा कचरा: रद्दी कागज, गत्ते, प्लास्टिक, धातु, कांच की बोतलें और पुराने कपड़े।

  • सैनिटरी कचरा: डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिशू पेपर और घरेलू मेडिकल वेस्ट।

  • घरेलू ई-वेस्ट: पुराने मोबाइल, चार्जर, बैटरियां, बल्ब, केमिकल और एक्सपायर्ड दवाइयां।

 बड़े आयोजनों पर भी लगा अंकुश

यदि किसी घर या संस्थान में जन्मदिन, धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग शामिल हो रहे हैं, तो आयोजक को कार्यक्रम से 3 दिन पहले नगर निगम से अनुमति लेनी होगी। बिना छंटनी किए या 100 किलोग्राम से अधिक कचरा मिक्स करके फेंकने पर 150 प्रतिशत तक जुर्माना वसूला जाएगा।

 'बल्क वेस्ट जनरेटर्स' के लिए कड़े मापदंड

शहर के करीब 2,000 बड़े परिसरों को 'बल्क वेस्ट जनरेटर' की श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए सीमाएं तय की गई हैं:

  • आवासीय भवन: 20,000 वर्गमीटर या अधिक एरिया।

  • होटल/बाजार: 5,000 वर्गमीटर या अधिक एरिया।

  • पानी की खपत: 40,000 लीटर प्रतिदिन या अधिक।

  • कचरा उत्पादन: 100 किलोग्राम प्रतिदिन या अधिक।

 डिजिटल ट्रैकिंग और लैंडफिल का लक्ष्य

निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, आदमपुर खंती में वर्तमान में रोजाना 850 टन कचरा पहुँचता है। इन नियमों से लैंडफिल साइट पर पहुंचने वाले कचरे में 50% तक कमी आएगी। सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स को ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कचरा उठाने वाले वाहनों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े राजस्व लक्ष्यों को भी सख्ती से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।

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