ग्वालियर की बदहाल सड़कों का रिकॉर्ड लोडर में भरकर पहुंचा हाईकोर्ट, 1441 सड़कों की होगी जांच
ग्वालियर की बदहाल सड़कों के मामले में नगर निगम 1441 सड़कों का रिकॉर्ड लोडर में भरकर हाईकोर्ट पहुंचा। अब कोर्ट द्वारा गठित कमेटी सड़कों की गुणवत्ता की जमीनी जांच करेगी।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की बदहाल और जर्जर सड़कों का मुद्दा इन दिनों हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में बेहद गर्माया हुआ है। गुरुवार को इस मामले पर हुई महत्वपूर्ण सुनवाई से पहले ग्वालियर नगर निगम (GMC) ने ऐसा नजारा पेश किया जिसने सबको चौंका दिया। नगर निगम पिछले पांच वर्षों में बनाई और सुधारी गई 1441 सड़कों का पूरा रिकॉर्ड और हजारों फाइलों का बंडल एक लोडर गाड़ी में भरकर सीधे हाईकोर्ट परिसर ले पहुंचा। अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान इन तमाम निर्माण कार्यों का पूरा रिकॉर्ड तलब किया था, जिसके बाद निगम को भारी-भरकम फाइलों का यह स्टॉक कोर्ट में पेश करना पड़ा।
🔍 फाइलों की संख्या देख कोर्ट ने दिए जमीनी स्तर पर जांच के आदेश, अधिकारी रहेंगे दूर
याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने इतनी विशाल संख्या में आई फाइलों को देखकर यह स्पष्ट किया कि कागजों के आधार पर व्यावहारिक रूप से हर फाइल की जांच करना संभव नहीं है। इसलिए अब शहर की चुनिंदा रैंडम सड़कों की जमीनी स्तर पर गुणवत्ता की जांच की जाएगी। कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी, नगर निगम के अधिवक्ता गौरव मिश्रा और याचिकाकर्ता अवधेश तोमर मौके पर मौजूद रहकर सड़कों की मोटाई, इस्तेमाल होने वाली सामग्री (मटेरियल) और उन पर हुए खर्च की हकीकत जानने के लिए सड़कों को खुदवाकर टेस्टिंग कराएंगे। खास बात यह है कि इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान नगर निगम का कोई भी अधिकारी या संबंधित ठेकेदार मौके पर मौजूद नहीं रहेगा ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो सके।
💰 310 करोड़ के स्वीकृत कार्यों और सड़कों की स्थिति पर टिकी हैं निगाहें
इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए सड़कों के खर्च, मेजरमेंट बुक और अन्य दस्तावेजों की मांग की थी। नगर निगम द्वारा कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2021 से 11 अगस्त 2026 के बीच 1441 सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए 310 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी, जिनमें से 750 सड़कें पूरी हो चुकी हैं जबकि 116 पर काम जारी है। निगम ने यह भी माना था कि इनमें से कई सड़कें पूरी तरह डैमेज हो चुकी हैं। अब कोर्ट कमिश्नर और जांच कमेटी द्वारा सड़कों की सैंपलिंग कर जो रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उसके आधार पर इस मामले में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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