Jabalpur Sand Mining: अवैध रेत के खेल पर कलेक्टर सख्त, 61 वाहन जब्त और 14.60 करोड़ का अर्थदंड
जबलपुर में रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगा 14.60 करोड़ का जुर्माना। जानें जिले में अवैध खनन का पूरा हाल।
जबलपुर। नर्मदा और हिरन समेत जिले की अन्य नदियों में रेत का अवैध उत्खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। माफिया पोकलेन मशीनों और मोटर लगी नावों के जरिए पाइप लाइन बिछाकर धड़ल्ले से रेत निकाल रहे हैं। जिले में लगभग 41 वैध खदानें हैं, लेकिन उतनी ही संख्या में अवैध खदानें संचालित हो रही हैं, जहां रात के अंधेरे में माफिया सक्रिय रहते हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने अब इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
14.60 करोड़ का जुर्माना और मशीनों पर प्रहार
पिछले पांच महीनों में जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में बड़े परिणाम सामने आए हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में करीब 14 करोड़ 60 लाख रुपये का जुर्माना तय किया है। प्रशासन ने अब तक 7 नावें, 2 पोकलेन मशीन, 4 जेसीबी, 3 हाइवा, 3 डंपर और 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की हैं।
अवैध परिवहन पर 61 वाहनों पर कार्रवाई
खनिज शाखा के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक अवैध खनिज परिवहन के 61 मामलों में वाहन जब्त कर 92.47 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, ई-चेक गेट के माध्यम से 63 वाहनों को ऑनलाइन नोटिस भेजे गए हैं। अवैध उत्खनन के 8 प्रमुख प्रकरणों में से 6 में 10.39 करोड़ रुपये का अर्थदंड वसूला गया है, जबकि अन्य 2 पर प्रक्रिया जारी है।
नावों को नष्ट कर माफिया के हौसले पस्त करने की कोशिश
प्रशासन ने माफियाओं के संसाधनों को पूरी तरह खत्म करने के लिए सघन जांच शुरू की है। शहपुरा, सिहोरा, पाटन और पांडा तहसील के विभिन्न गांवों में छापेमारी कर भारी मात्रा में रेत जब्त की गई है। सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने सचुली, खिरहेनीकलां, मुड़ता, जुगपुरा और पावला गांवों में अवैध रेत निकालने में उपयोग होने वाली 7 नावों को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में इनका दोबारा उपयोग न हो सके।
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