सिंगरौली के सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग मामले में हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और DRM जबलपुर को नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिंगरौली के सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग और प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार और DRM जबलपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

Aug 16, 2026 - 10:05
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सिंगरौली के सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग मामले में हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और DRM जबलपुर को नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिंगरौली जिले के सरई रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से प्लेटफार्म के एक हिस्से में कोयला और खनन सामग्री डंप किए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाया है। याचिका में यह मुद्दा उठाया गया था कि रेलवे स्टेशन परिसर में कोयले की डंपिंग के कारण वहां आने-जाने वाले रेल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और उड़ने वाली धूल से आसपास के निवासियों का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने केंद्र सरकार और डीआरएम (DRM) जबलपुर को नोटिस जारी कर स्पष्ट जवाब तलब किया है। इस मामले में कोर्ट ने 20 अगस्त तक की मोहलत दी है।

🚆 सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग से यात्रियों के लिए जगह की कमी और गंभीर प्रदूषण

सिंगरौली के स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता विजय जायसवाल की ओर से दायर की गई इस याचिका में मुख्य रूप से यह रेखांकित किया गया है कि सरई रेलवे स्टेशन पर कुल दो ही प्लेटफार्म हैं, जिनमें से एक प्लेटफार्म पर पिछले लंबे समय से कोल माइंस से जुड़ा कोयला और अन्य खनिज सामग्री खुलेआम डंप की जा रही है। स्थिति यह है कि यात्रियों के पास प्लेटफार्म पर खड़े होने या सुरक्षित चलने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती है। इसके अलावा, खुले में कोयला डंप किए जाने के कारण हवा में काले कण और भारी धूल उड़ती है, जिससे स्टेशन आने वाले यात्रियों के साथ-साथ आसपास के पांच से छह गांवों के रहवासियों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

😷 श्वांस संबंधी बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, हाईकोर्ट के आदेश से प्रदूषण नियंत्रण की जगी उम्मीद

याचिकाकर्ता के वकील एसके कश्यप ने कोर्ट में पैरवी करते हुए बताया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों में सांस (श्वांस) से जुड़ी बीमारियां तेजी से पनप रही हैं। याचिका में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि रेलवे प्लेटफार्म को तुरंत इस अवैध या अनुपयुक्त कोयला डंपिंग से पूरी तरह मुक्त कराया जाए और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अदालत द्वारा केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को राहत मिलने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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