बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व हुआ सख्त: नियमों का उल्लंघन करने वाले जिप्सी और गाइड पर होगी कड़ी कार्रवाई
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई। वन्यजीवों को परेशान करने और रील बनाने पर रोक। पढ़ें प्रबंधन के नए दिशा-निर्देश।
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) प्रबंधन ने पर्यटन संचालन के दौरान नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सफारी के दौरान वन्यजीवों को परेशान करने, रील बनाने या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहनों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
मोबाइल उपयोग और आचार संहिता पर कड़े निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, कोर जोन में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। जिप्सी चालकों और गाइडों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यटकों के मोबाइल एक निर्धारित लॉक-बॉक्स में सुरक्षित रखें। हालांकि, शिकायतें मिल रही थीं कि पार्क में प्रवेश के बाद मोबाइल लौटा दिए जाते हैं, जिसे अब गंभीरता से लिया गया है। अब किसी भी तरह की रील या वीडियो बनाने के लिए वन्यजीवों का ध्यान आकर्षित करना या शोर मचाना पूर्णतः वर्जित है।
प्रमुख प्रतिबंधित गतिविधियां
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वन्यजीवों को पुकारना या शोर मचाकर उनका ध्यान आकर्षित करना।
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सोशल मीडिया के लिए वीडियो, रील या अन्य सामग्री तैयार करना।
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वन्यजीवों के प्राकृतिक मार्ग को अवरुद्ध करना और उनके बहुत करीब जाना।
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वाहन संचालन के लिए निर्धारित आचार संहिता का उल्लंघन करना।
घटनाओं के बाद लिया गया निर्णय
हाल ही में 6 जून को पर्यटकों द्वारा एक बाघ को वाहनों से घेरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पार्क प्रबंधन और वन्यजीव प्रेमियों को काफी विचलित कर दिया था। इसी तरह मगधी गेट के पास बाघ के बेहद करीब जाने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
भविष्य की कार्ययोजना
प्रबंधन ने जिप्सी चालकों और गाइडों को अंतिम चेतावनी दी है। जल्द ही उनके लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा, ताकि उन्हें वन्यजीव संरक्षण और पर्यटकों के व्यवहार को नियंत्रित करने के तौर-तरीकों के बारे में फिर से जागरूक किया जा सके। अब नियमों का पालन न करने वालों पर भारी जुर्माना और वाहन प्रवेश पर रोक जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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