राज्यसभा चुनाव: नामांकन प्रक्रिया में जल्दबाजी पर कांग्रेस का बड़ा सवाल, रिटर्निंग ऑफिसर से की मुलाकात
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द होने पर गहराया विवाद। कांग्रेस नेता पीपी शर्मा ने आरओ से की मुलाकात, सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के कारण प्रक्रिया पर उठाये सवाल।
भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच कांग्रेस ने अब पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री पीपी शर्मा ने विधानसभा पहुँचकर राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) अरविंद शर्मा से मुलाकात की और मामले में अपनी औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
समय-सीमा और प्रक्रिया पर उठाये सवाल
पीपी शर्मा ने तर्क दिया कि नामांकन वापसी की अंतिम समय-सीमा दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है। ऐसी स्थिति में, निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही निर्वाचन संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाना नियमों के विरुद्ध है। कांग्रेस का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव परिणाम घोषित करने की जल्दबाजी किसी भी तरह उचित नहीं है।
अधिकारियों की निष्पक्षता पर संदेह
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी सुबह से ही निर्वाचन प्रमाण-पत्र तैयार करने में जुट गए थे। पीपी शर्मा ने इसे अधिकारियों की पूर्वाग्रह से ग्रसित कार्यप्रणाली बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को पहले से ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने की रणनीति तैयार कर ली गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन द्वारा अपना नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया में दिखाई जा रही तत्परता न्यायिक गरिमा और नियमों के खिलाफ है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिटर्निंग ऑफिसर कांग्रेस की इन आपत्तियों पर क्या रुख अपनाते हैं और सुप्रीम कोर्ट का इस पूरे घटनाक्रम पर क्या निर्णय आता है।
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