छिंदवाड़ा में खाद वितरण पर रोक के खिलाफ किसानों का चक्काजाम, स्टॉक का हो रहा मिलान

छिंदवाड़ा में खाद वितरण में धांधली के आरोपों के बाद प्रशासन ने निजी और सहकारी केंद्रों पर खाद बेचने पर रोक लगा दी है। स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।

Aug 17, 2026 - 17:58
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छिंदवाड़ा में खाद वितरण पर रोक के खिलाफ किसानों का चक्काजाम, स्टॉक का हो रहा मिलान

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से खाद वितरण को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले में खाद वितरण में धांधली और अनियमितता के आरोप लगाते हुए किसानों ने जोरदार चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाद वितरण पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में गोदामों और दुकानों में रखे खाद के स्टॉक का भौतिक मिलान किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत 14 अगस्त से शासन द्वारा निजी और सहकारी क्षेत्र के खाद वितरण केंद्रों से उर्वरक बेचने पर अस्थाई रोक लगा दी गई है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

📋 कृषि विभाग का दावा पर्याप्त स्टॉक, ई-टोकन हटने से बढ़ी कालाबाजारी की आशंका

कृषि उपसंचालक मॉरीश नाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन कुछ जगहों पर आ रही दिक्कतों और शिकायतों के चलते स्टॉक का मिलान करना आवश्यक था। प्रशासन के इस आदेश के बाद जिले की सभी सहकारी समितियों, मार्कफेड के वितरण केंद्रों और निजी दुकानों से खाद की बिक्री फिलहाल बंद कर दी गई है। आईएफएमएस पोर्टल (IFMS Portal) और वास्तविक स्टॉक के मिलान के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उधर, ई-टोकन सिस्टम की व्यवस्था हटने के कारण कालाबाजारी की आशंका बढ़ने से किसानों में नाराजगी है, जिसके चलते शुक्रवार को चौरई में कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी और किसानों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया था।

✉️ सांसद ने लिखा कृषि मंत्री को पत्र, कलेक्टर ने दी स्थिति की जानकारी

किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय सांसद बंटी विवेक साहू ने कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को पत्र लिखकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं और तकनीकी सहायता सुलभ कराई जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी किसानों को पारदर्शी तरीके से पर्याप्त मात्रा में यूरिया और अन्य रासायनिक खाद सुगमता से उपलब्ध हो सके।

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