सागर के ड्राइवर के घर अलमारी से मिले 3 करोड़ 2 लाख रुपये, रिटायर्ड एसई ने पैसा अपना होने से किया इंकार
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में ड्राइवर के घर से 3 करोड़ 2 लाख रुपये कैश बरामद हुए हैं। पुलिस, इनकम टैक्स और ईडी मामले की जांच में जुटी हैं।
मध्य प्रदेश के सागर शहर के गोपालगंज थाना अंतर्गत आने वाले तिली गांव में एक ड्राइवर के घर अलमारी से बरामद 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपये की भारी-भरकम रकम ने सनसनी फैला दी है। इस बेनामी और गुप्त धन के असली मालिक का पता लगाने के लिए पुलिस और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां तेजी से जुट गई हैं। पूछताछ के दौरान ड्राइवर भाइयों ने यह पैसा अपने रिश्तेदार व रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री (SE) रमेश अहिरवार का बताया है, लेकिन रिटायर्ड अधिकारी ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है। इस मामले में अब आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मदद भी ली जा रही है, वहीं पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इतना पैसा आने के बाद इन युवकों और उनके परिवार का रहन-सहन पूरी तरह बदल गया था।
🔫 सोशल मीडिया पर हथियार लहराने की रील देखने पहुँची थी पुलिस, अलमारी में मिले नोट देखकर उड़े होश
गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में पुलिस को तिली गांव के रहने वाले युवक सौरभ अहिरवार की एक रील मिली थी, जिसमें वह हथियार लहराता नजर आ रहा था। इसी मामले की छानबीन करने जब पुलिस उसके घर पहुँची, तो वहाँ रखी एक अलमारी और बैग में 500-500 रुपये के नोटों के बंडल देखकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों, नायब तहसीलदार और इनकम टैक्स विभाग को दी गई। इसके बाद ज्वेलर्स की दुकान से नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई, और देर रात तक चली गिनती में कुल 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपये बरामद हुए।
🏡 रातों-रात बदली जीवनशैली, प्लॉट खरीदकर बना रहे थे आलीशान मकान
पुलिस और मोहल्ले के लोगों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी युवक सौरभ और अंकित अहिरवार दोनों ड्राइवर का काम करते हैं। उनके पिता के निधन के बाद आर्थिक स्थिति खराब होने पर उनकी माँ रचनाबाई दूसरों के घरों में काम करती थीं, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इन लोगों का लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गया था। माँ ने दूसरों के घरों में काम करना बंद कर दिया था और दोनों भाई इलाके में पैसों की धौंस जमाते थे। पड़ोसियों से विवाद होने पर वे उनका घर तक खरीदने की धमकी देते थे। हाल ही में इन्होंने एक पॉश कॉलोनी में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदकर शानदार निर्माण कार्य भी शुरू किया था, जबकि उनका वर्तमान घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना हुआ है। फिलहाल पुलिस और एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि यह काला धन कहाँ से आया और इसका असली हकदार कौन है।
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