सागर के मुकेश प्रजापति पिछले 21 साल से सावन में बांट रहे हैं निशुल्क राधा-कृष्ण के झूले, अनोखी है कहानी
सागर के मुकेश प्रजापति पिछले 21 सालों से सावन के महीने में मां के प्रति प्रेम और बेटी बचाओ का संदेश देते हुए लोगों को निशुल्क राधा-कृष्ण के झूले बांट रहे हैं।
मध्य प्रदेश के सागर शहर के संत रविदास वार्ड में रहने वाले प्रजापति परिवार को मोहल्ले के लोग बेहद आदर के साथ एक अनोखा परिवार मानते हैं। यहाँ रहने वाले मुकेश प्रजापति पिछले 21 साल से एक ऐसा अनूठा संकल्प निभा रहे हैं, जो हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुकेश प्रजापति अपनी माँ के प्रति अथाह प्रेम, भगवान के प्रति गहरी आस्था और 'बेटी बचाओ' के सामाजिक संदेश के साथ हर साल सावन के पवित्र महीने में लोगों को निशुल्क राधा-कृष्ण के झूले और पोशाकें भेंट करते हैं। उनके इस नेक संकल्प को पूरा करने में उनका पूरा परिवार जी-जान से जुटा रहता है और साल भर रोजाना एक घंटा इस कार्य के लिए समर्पित करता है।
🔧 पेशे से टू-व्हीलर मैकेनिक हैं मुकेश, साल भर परिवार के साथ मिलकर बनाते हैं झूले
मुकेश प्रजापति पेशे से एक टू-व्हीलर मैकेनिक हैं और उनकी अपनी रिपेयरिंग की दुकान है। अपनी दुकान की व्यस्त दैनिकचर्या से समय निकालकर वे और उनका पूरा परिवार प्रतिदिन कम से कम एक घंटा झूले और भगवान की पोशाकें तैयार करने में बिताता है। मुकेश बताते हैं कि उनकी 86 वर्षीय माँ गनेशी बाई का जन्म तिल गणेश चतुर्थी (जनवरी माह) के दिन हुआ था। वे अपनी माँ के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देने आने वाले लोगों की सूची तैयार करते हैं और सावन के महीने में एक विशेष स्टॉल लगाकर उन सभी को मुफ्त में राधा-कृष्ण के झूले और पोशाक उपहारस्वरूप वितरित करते हैं।
❤️ माँ के प्रति प्रेम और 'बेटी बचाओ' का संदेश देता यह परिवार
यह सिलसिला पिछले 21 सालों से लगातार जारी है और अब एक सामाजिक परंपरा का रूप ले चुका है। मुकेश के इस अनोखे कार्य के पीछे उनकी माँ का आशीर्वाद और 'बेटी बचाओ' का मजबूत संदेश भी छिपा है। उनकी माँ का मानना है कि यदि बेटियाँ नहीं बचेंगी, तो समाज का सृजन असंभव है, इसलिए वे बेटियों को हमेशा मान-सम्मान देने की प्रेरणा देती हैं। बेटे के इस सेवाभाव से गदगद माँ गनेशी बाई कहती हैं कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जो हर साल इस पवित्र कार्य के जरिए समाज में प्रेम और सद्भावना का संदेश फैला रहा है।
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