मध्य प्रदेश में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के लिए तय होगी डेडलाइन, समय पर काम न होने पर होगी कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार अब जनता से जुड़े लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और क्लियरेंस के लिए समय सीमा तय करने जा रही है। तय समय में काम न होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
मध्य प्रदेश में मोहन सरकार अब जनता के विश्वास को मजबूत करने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के बाद, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और क्लियरेंस से जुड़ी सभी सरकारी सुविधाओं को और अधिक तेज व सुगम बनाने जा रही है। 'जन विश्वास अभियान' के अगले चरण में आम जनता की जरूरतों से जुड़े सभी प्रकार के लाइसेंस, परमिट और क्लियरेंस के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Deadline) तय करने की तैयारी की जा रही है। निर्धारित समय के भीतर काम पूरा न होने की स्थिति में संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के कार्यभार संभालने के बाद से राज्य में सरकारी योजनाओं और जन-सुविधाओं को पूरी तरह पारदर्शी व सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
⏱️ लाइसेंस और परमिट सेवाओं को रफ्तार देने के लिए तैयार हो रहा नया एक्शन प्लान
प्रदेश में आम नागरिकों और कारोबारियों से जुड़ी लाइसेंस व परमिट जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए सरकार अब और अधिक सख्ती बरतने जा रही है। कई तरह की लंबी औपचारिकताओं और अपीलों के झंझट से आम जनता को राहत दिलाने के लिए सरकार एक प्रभावी एक्शन प्लान लागू करने जा रही है। इसके तहत विभिन्न विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि वे नागरिकों के आवेदन समयानुसार निपटाएं। यदि तय डेडलाइन के बाद भी किसी नागरिक का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन बेवजह अटका रहता है, तो संबंधित विभाग और अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की गाज गिरेगी।
💻 भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए पहले ही लागू की जा चुकी हैं 'फेसलेस' सेवाएं
इससे पहले विभिन्न लाइसेंस और परमिट सेवाओं में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए थे। ड्राइविंग लाइसेंस, लर्निंग लाइसेंस, वाहन परमिट और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी 50 से अधिक सेवाओं को पूरी तरह 'फेसलेस' (डिजिटल) कर दिया गया था। इसमें व्यापारिक लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा (Food Safety) लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी और अन्य जरूरी अनुमतियां शामिल हैं। इस डिजिटल व्यवस्था के कारण सारा काम ऑनलाइन होता है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश लगभग न के बराबर रह जाती है। वर्तमान में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 15 कार्य दिवस और ट्रेड लाइसेंस व निजी सुरक्षा एजेंसी के पंजीकरण के लिए भी समय-सीमा पहले से निर्धारित है, जिसे अब और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
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