रतलाम में जनसुनवाई की नई व्यवस्था से बढ़ी परेशानी, कलेक्ट्रेट पहुंचे आवेदकों को लौटना पड़ा वापस

रतलाम में जनसुनवाई की नई विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू होने के पहले दिन जानकारी के अभाव में आवेदक कलेक्ट्रेट पहुंच गए, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Aug 18, 2026 - 18:15
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रतलाम में जनसुनवाई की नई व्यवस्था से बढ़ी परेशानी, कलेक्ट्रेट पहुंचे आवेदकों को लौटना पड़ा वापस

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की व्यवस्था को विकेन्द्रीकृत करने के पहले ही दिन आम जनता को भारी असुविधा और भ्रम का सामना करना पड़ा। नए नियमों के तहत अब जनसुनवाई जिला मुख्यालय पर आयोजित न होकर ब्लॉक स्तर और निर्धारित 7 अलग-अलग केंद्रों पर की जानी है। हालांकि, इस बदलाव की पर्याप्त जानकारी न होने के कारण दूर-दराज के ग्रामीण और आवेदक सीधे जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुँच गए। जब उन्हें वहाँ आवेदन जमा न होने की बात पता चली, तो उन्हें अपने संबंधित क्षेत्रों के निर्धारित केंद्रों पर जाने के लिए कहा गया, जिससे कई लोग परेशान होते नजर आए।

🚶‍♂️ आलोट, सैलाना, बाजना और शिवगढ़ से कलेक्ट्रेट पहुँचे आवेदक, निचले स्तर पर सुनवाई न होने का लगाया आरोप

आलोट, बाजना, सैलाना और शिवगढ़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे लोगों को जब निराशा हाथ लगी, तो उनका गुस्सा और नाराजगी फूट पड़ी। कई आवेदकों का कहना था कि वे जिला मुख्यालय पर इसलिए आए हैं क्योंकि स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती है। शिवगढ़ से आए कालू सिंह ने बताया कि उन्हें कलेक्ट्रेट से सैलाना जाने को कहा गया, जबकि सैलाना में उनका आवेदन पहले ही लेने से मना कर दिया गया था। इसी तरह जावरा से आए अनिल अग्रवाल और सैलाना के वर सिंह ने भी बताया कि उनके मामले पहले से लंबित हैं और बार-बार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल पा रही है।

🏢 जिला मुख्यालय पर नहीं दर्ज हुआ एक भी आवेदन, एडीएम ने दी सफाई

रतलाम नगर निगम कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई का हाल यह रहा कि सुबह 11:45 बजे तक विभिन्न विभागों के जिम्मेदार प्रतिनिधि ही नदारद मिले। एसडीएम शहर और नगर निगम आयुक्त की मौजूदगी में हुई इस सुनवाई के दौरान इक्का-दुक्का आवेदक ही पहुँचे, और जिला मुख्यालय पर एक भी नई शिकायत रजिस्टर में दर्ज नहीं की जा सकी। जावरा, आलोट और पिपलोदा केंद्रों पर भी जागरूकता की कमी के चलते सन्नाटा पसरा रहा। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीएम बृजेंद्र रावत ने कहा कि यह नई व्यवस्था जनता की सुविधा के लिए बनाई गई है ताकि उन्हें दूर न आना पड़े, और चूंकि आज पहला दिन था इसलिए कुछ असमंजस की स्थिति बनी, जिसे जल्द ही सुचारू कर लिया जाएगा।

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