एयरलाइंस और एयरपोर्ट नियमों में बदलाव, अब फिजिकल बोर्डिंग पास पर स्टैम्पिंग की जरूरत नहीं
1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर मुहर लगवाने का नियम खत्म हो रहा है। यात्री अब ई-बोर्डिंग पास का इस्तेमाल कर सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लंबी-लंबी लाइनों और कागजी औपचारिकताओं से जूझने वाले यात्रियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी राहत दी है। गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन काम करने वाले ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि आगामी 1 सितंबर से इमिग्रेशन काउंटरों पर बोर्डिंग पास पर मुहर लगवाने की दशकों पुरानी प्रक्रिया को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इस नए बदलाव के बाद विदेश यात्रा करने वाले यात्री अपने स्मार्टफोन पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास (ई-बोर्डिंग पास) को दिखाकर बेहद आसानी से इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों के बहुमूल्य समय की बचत होगी, बल्कि उनकी पूरी हवाई यात्रा का अनुभव भी काफी ज्यादा सुविधाजनक और तनावमुक्त हो जाएगा।
📋 1 सितंबर से बदल रहा है इमिग्रेशन क्लीयरेंस का तरीका, ई-बोर्डिंग पास होंगे पूरी तरह मान्य
अब तक विदेश जाते समय यात्रियों के लिए यह अनिवार्य नियम था कि वे इमिग्रेशन काउंटर पर अपना प्रिंटेड (कागज वाला) बोर्डिंग पास दिखाएं, जिस पर वहां मौजूद अधिकारी मुहर लगाते थे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 1 सितंबर से इस अनिवार्य नियम को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने मौजूदा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा करने के बाद देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के अधिकारियों को इस नए निर्देश से अवगत करा दिया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब फिजिकल बोर्डिंग पास के साथ-साथ डिजिटल या ई-बोर्डिंग पास भी इमिग्रेशन काउंटरों पर पूरी तरह से वैध और मान्य होंगे।
📑 क्या प्रिंटेड बोर्डिंग पास हो जाएंगे अमान्य? जानें क्या है पूरा नियम और मुहर बंद होने की वजह
इस नए नियम का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके हाथ में मौजूद कागज का बोर्डिंग पास अब अमान्य हो जाएगा। जो यात्री डिजिटल तकनीक के बजाय पारंपरिक प्रिंटेड बोर्डिंग पास रखना ज्यादा पसंद करते हैं, वे पहले की तरह ही उसका उपयोग जारी रख सकते हैं। इसमें केवल इतना बदलाव आएगा कि 1 सितंबर से इमिग्रेशन अधिकारी उस कागज के पास पर कोई मुहर (स्टैम्प) नहीं लगाएंगे। यात्रियों के पास पूरी छूट होगी कि वे अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल पास दिखाएं या फिर प्रिंटेड कॉपी साथ रखें।
ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने यह पाया कि बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की इस पुरानी प्रक्रिया के कारण कई बार यात्रियों को बेवजह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। कई बार गलत या बेतरतीब तरीके से मुहर लग जाने के कारण बोर्डिंग पास पर छपी जरूरी बारकोड या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पढ़ पाना बहुत मुश्किल हो जाता था। इन्हीं व्यावहारिक परेशानियों को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया कई साल पहले ही बंद की जा चुकी है। इसके अलावा, भविष्य में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए इमिग्रेशन एंट्री और एग्जिट स्टैम्पिंग को भी पूरी तरह खत्म करने पर विचार किया जा रहा है, जिसके लिए जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)