अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फील्ड मार्शल असीम मुनीर का तेहरान दौरा, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ईरान के दौरे पर जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच रुकी शांति वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में चल रहे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर सोमवार को आधिकारिक तौर पर ईरान का दौरा करेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रविवार को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि मुनीर के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी तेहरान जाएगा, जो वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई अहम और रणनीतिक मुद्दों पर खुलकर बातचीत करेगा। मुनीर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में रुकी हुई शांति वार्ता को दोबारा पटरी पर लाने और दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है।
🤝 मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश, जून समझौते और ट्रंप की नई पाबंदियों पर होगी चर्चा
ज्ञात हो कि इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ के रूप में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके परिणामस्वरूप जून के महीने में दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौता हुआ था और पाकिस्तान इस समझौते का गारंटर भी बना था। इस समझौते के तहत अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तर पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था, लेकिन जुलाई के मध्य में दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया और बातचीत बीच में ही रुक गई। पाकिस्तान की तरफ से इस रुकी हुई प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के तमाम प्रयास अब तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं, इसलिए इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना है।
📉 ईरान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव और होर्मुज स्ट्रेट का गर्म माहौल
यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिका ईरान पर अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसके खिलाफ अब तक का सबसे करारा आर्थिक अभियान छेड़ा जाएगा। ईरानी अर्थव्यवस्था पहले से ही अमेरिकी पाबंदियों के भारी दबाव में है, और दूसरी तरफ 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में तेल की आवाजाही लगभग ठप पड़ी है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने भी पड़ोसी देशों को अमेरिका की आर्थिक साजिशों से सावधान रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में असीम मुनीर का यह तेहरान दौरा क्षेत्रीय राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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