मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देश, मंत्रालय से लेकर जिला कार्यालयों तक अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस होगी अनिवार्य
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय और जिला कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में 21 प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों से लेकर राज्य के सभी जिला स्तर के कार्यालयों तक अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस (Biometric Attendance) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से प्रारंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में 21 प्रमुख कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुँचे और अपने कार्यों को समयसीमा में पूरा करें, इस पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि जनता से जुड़े सभी प्राथमिक कार्यों का त्वरित निपटारा हो सके।
💧 स्वामित्व योजना, जल प्रबंधन और 'जन विश्वास अभियान' को लेकर दिए गए अहम निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की निशुल्क रजिस्ट्री के लिए अधिकार अभिलेखों का पंजीयन तेजी से किया जाए। इसके साथ ही गुजरात के सूरत जल भंडारण मॉडल की तर्ज पर प्रदेश में भी जल प्रबंधन के नए अभियान शुरू करने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज के उचित प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने पीएचई (PHE) के इच्छुक तकनीकी कर्मचारियों के वन-टाइम संविलियन के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यदि किसी पर्व या अवकाश के चलते शुक्रवार को 'जन विश्वास अभियान' आयोजित न हो सके, तो उसे अगले दिन यानी शनिवार को अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाए।
🏛️ संस्कृति, पर्यटन और गृह विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा—सिंहस्थ 2028 और सुरक्षा बलों के विस्तार पर जोर
बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संस्कृति और पर्यटन विभाग के तहत कामदगिरी परिक्रमा मार्ग, सती अनसूइया मंदिर, गुप्ता गोदावरी, ममलेश्वर मंदिर और श्रीराम वन गमन पथ परियोजना के कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दतिया और ओरछा समेत 20 आध्यात्मिक लोकों के विकास तथा सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन में प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर चर्चा हुई। गृह विभाग के अंतर्गत महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अन्य मंदिरों में होमगार्ड्स की नियुक्ति, राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता 2,000 से बढ़ाकर 5,000 करने, वीआईपी ड्यूटी स्टाफ के लिए जोखिम भत्ता, तथा काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संख्या 50 से बढ़ाकर 250 करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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