रीवा में बाढ़ जैसे हालातों से त्रस्त लोगों का फूटा गुस्सा, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

रीवा के गायत्री नगर में पिछले 7 दिनों से 4 फीट पानी भरा हुआ है। घरों में कैद लोग ट्यूब की नाव के सहारे निकलने को मजबूर हैं। आक्रोशित रहवासियों ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से गुहार लगाई है।

Aug 26, 2026 - 10:22
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रीवा में बाढ़ जैसे हालातों से त्रस्त लोगों का फूटा गुस्सा, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जलभराव की समस्या से परेशान गायत्री नगर कॉलोनी के लोगों का सब्र आखिरकार 7 दिन बाद टूट ही गया। मंगलवार रात वार्ड क्रमांक 10 के रहवासी करीब 4 फीट तक भरे बाढ़ के पानी को पार करते हुए सीधे राजनिवास पहुँचे और वहाँ मौजूद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई। रहवासियों का कहना था कि बीते 19 अगस्त से उनकी पूरी कॉलोनी में पानी भरा हुआ है, जिसके कारण सैकड़ों लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं, बच्चे स्कूल-कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं और दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोग ट्यूब की नाव बनाकर जरूरी सामान और दवाइयां लाने को मजबूर हैं, लेकिन नगर निगम की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई।

🚣 ट्यूब की नाव के सहारे जिंदगी गुजारने को मजबूर लोग, नगर निगम दे रहा अजीबोगरीब तर्क

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में हुई भारी बारिश के बाद नदियां और नाले उफान पर आ गए थे, जिसके बाद कई इलाकों में पानी भर गया था। हालांकि अन्य जगहों पर हालात सामान्य हो गए, लेकिन गायत्री नगर में पिछले एक हफ्ते से 3 से 4 फीट पानी जमा हुआ है। स्थानीय निवासी ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कर्मचारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि लोगों ने खदान क्षेत्र में मकान बनाए हैं, जबकि सवाल यह उठता है कि यदि ऐसा था तो प्रशासन ने रजिस्ट्री, एनओसी और घर बनाने की अनुमति क्यों दी थी और टैक्स क्यों वसूला जा रहा था? लोग जान जोखिम में डालकर छोटे बच्चों के साथ घर छोड़ने को मजबूर हैं।

⚠️ नक्शा और रजिस्ट्री निरस्त करने की मिल रही धमकियां, सीएम हेल्पलाइन की शिकायत भी बेअसर

पीड़ित निवासी शैलेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि हर साल बारिश के दौरान गायत्री नगर में इसी तरह बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, लेकिन निगम अधिकारी कोई स्थायी समाधान करने के बजाय उल्टा लोगों को रजिस्ट्री और नक्शा निरस्त करने की धमकियां देते हैं। सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई असर नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने लोगों की पूरी बात सुनी और तत्काल अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों द्वारा रहवासियों को किसी भी तरह की धमकी दी गई, तो इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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