भोपाल के बागसेवनिया थाने में फर्जी आईएएस और उसके सहयोगियों पर मामला दर्ज, पुलिस कर रही है जांच
भोपाल में खुद को ट्रेनी IAS और MPT अधिकारी बताकर 39 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। जानिए पूरा मामला।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हाई-प्रोफाइल ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश टूरिज्म (MPT) की एडिशनल डायरेक्टर बताकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोपी महिला ने MPT के होटल-रिसोर्ट लीज पर दिलाने और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर फरियादी से कुल 39.17 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और उसके सहयोगियों के खिलाफ बागसेवनिया थाने में गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है तथा उनके फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों की गहन जांच शुरू कर दी है।
🏨 होटल-रिसोर्ट लीज के नाम पर 35.30 लाख और नौकरी के नाम पर ऐंठे 3.87 लाख रुपये
थाना प्रभारी अमित सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान आरोपी महिला खुद को बेहद प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी बताती थी और यह दावा करती थी कि MPT में ऊंचे पद पर होने के कारण वह किसी भी व्यक्ति को आसानी से होटल या रिसोर्ट लीज पर दिलवा सकती है। इसी झांसे में आकर फरियादी से होटल लीज के एवज में करीब 35.30 लाख रुपये और नौकरी लगवाने के नाम पर 3.87 लाख रुपये ले लिए गए। इस तरह कुल 39.17 लाख रुपये की रकम ऐंठी गई। जब काफी समय बीतने के बाद भी न तो लीज की प्रक्रिया आगे बढ़ी और न ही नौकरी लगी, तो पीड़ित ने पैसे वापस मांगे। आरोपी द्वारा केवल 1 लाख रुपये ऑनलाइन लौटाने के बाद जब बाकी रकम नहीं दी गई, तब पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
🚗 फर्जी पहचान का मायाजाल और इनोवा कार बरामद: भाई और अन्य सहयोगी भी बने आरोपी
यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब सामने आया कि तृप्ति सिंह राजपूत नाम की इस आरोपी महिला पर अन्य जिलों (जैसे चंदेरी) में भी खुद को IAS अधिकारी बताकर ठगी करने के आरोप हैं। पुलिस जांच में उसके भोपाल स्थित आवास और ससुराल से कथित IAS ट्रेनिंग से जुड़े मोमेंटो, दस्तावेज और ‘भारत सरकार’ लिखी पट्टी लगी एक इनोवा कार भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल वह लोगों पर अपना प्रभाव जमाने के लिए करती थी। बागसेवनिया पुलिस ने मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह के साथ-साथ उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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