निवेशकों को बड़ा झटका, आईटी शेयरों में भारी तबाही के बाद अब क्या है बाजार का हाल और एक्सपर्ट्स की राय

भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट आई है। टीसीएस और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में लाखों करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।

Aug 31, 2026 - 15:17
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निवेशकों को बड़ा झटका, आईटी शेयरों में भारी तबाही के बाद अब क्या है बाजार का हाल और एक्सपर्ट्स की राय

भारतीय शेयर बाजार के सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद माने जाने वाले दिग्गज शेयरों ने निवेशकों को गहरी आर्थिक चोट दी है। निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल देश की 47 बड़ी कंपनियों का कुल मार्केट कैप अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 48.77 लाख करोड़ रुपये कम हो चुका है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने शेयर बाजार की बुनियादी सेहत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, केवल चार बड़ी कंपनियों—टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस ने मिलकर 20 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान कराया है, जो कुल गिरावट का लगभग 41 फीसदी हिस्सा है। वहीं, बाजार के 10 सबसे बड़े शेयरों ने मिलकर 32.57 लाख करोड़ रुपये साफ कर दिए हैं।

💻 आईटी सेक्टर में सबसे भयानक असर—टीसीएस और इन्फोसिस ने गंवाई भारी भरकम रकम

बाजार में इस गिरावट का सबसे भीषण असर आईटी शेयरों पर देखने को मिला है। दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस का मार्केट कैप अपने रिकॉर्ड 16.48 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 8.47 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है, यानी इस अकेली कंपनी को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है और यह शेयर अपने टॉप से करीब 49 फीसदी नीचे आ चुका है। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक 29.4 फीसदी की गिरावट के साथ 4.40 लाख करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.94 लाख करोड़ और इन्फोसिस 3.66 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप गंवा चुके हैं। विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा समेत आईटी सेक्टर की पांच प्रमुख कंपनियों ने कुल 15.65 लाख करोड़ रुपये की रकम गंवाई है।

🔍 विशेषज्ञों की राय—लार्ज कैप से मोहभंग, अब मिड और स्मॉल कैप पर निवेशकों का जोर

सैमको म्यूचुअल फंड के सीआईओ उमेश मेहता के अनुसार, निफ्टी की सबसे बड़ी कंपनियां कड़े दौर से गुजर रही हैं क्योंकि पारंपरिक बिजनेस को अब वह ऐतिहासिक वैल्यूएशन नहीं मिल रहा है। बाजार का पैसा तेजी से लार्ज कैप से निकलकर मिड और स्मॉल कैप कंपनियों की तरफ शिफ्ट हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी शेयर का अपने ऑल-टाइम हाई से गिरना उसे सीधे तौर पर सस्ता नहीं बना देता, क्योंकि बाजार में नए खरीदार कम बचे हैं। हेलिओस इंडिया के एमडी दिनशॉ ईरानी का कहना है कि लार्ज कैप में निवेश करना इतिहास में निवेश करने जैसा है, जबकि मिड और स्मॉल कैप ही बाजार का भविष्य हैं।

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