त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर इस्तांबुल में होगी बड़ी बैठक, क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव पर टिकी हैं निगाहें
पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत इस्तांबुल में पहली बैठक होने जा रही है। पाक उप प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख तुर्की पहुंच गए हैं।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर त्रिपक्षीय डिफेंस पैक्ट (तीन देशों के बीच रक्षा समझौते) की बैठक में शामिल होने के लिए तुर्की पहुँच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण रक्षा समझौते में पाकिस्तान और तुर्की के अलावा सऊदी अरब भी शामिल है। तीनों देशों ने मिलकर 7 अगस्त को इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे 'मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (Makkah Joint Defence Agreement) के नाम से भी जाना जाता है। इस करार के तहत यह प्रावधान किया गया है कि पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों सहयोगी देशों पर हमला माना जाएगा।
🏛️ स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी की पहली बैठक, एजेंडे को लेकर आधिकारिक खुलासा नहीं
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने यह पुष्टि कर दी है कि इस रक्षा समझौते के तहत गठित 'स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी' की पहली बैठक इस्तांबुल में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान, रक्षा मंत्री यासर गुलर और जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल सेलुक बायराक्तारोग्लू भी हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, इस पहली बैठक के आधिकारिक एजेंडे को लेकर कोई विशेष खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष और खाड़ी देशों में बने भारी तनाव को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर चर्चा की जा सकती है।
🌐 ‘रीजनल-4’ (R-4) ग्रुप की बैठक में मिस्र भी है शामिल, शांति स्थापना के प्रयासों में जुटा पाकिस्तान
तुर्की के विदेश मंत्री ने इशाक डार को 'रीजनल-4' (R-4) बैठक के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसमें रक्षा समझौते में शामिल इन तीनों देशों के साथ-साथ मिस्र भी शिरकत कर रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों के तहत यह 'Regional-4' समूह इसी साल मार्च में अस्तित्व में आया था। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच शांति स्थापित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं, और पाकिस्तान भी इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
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