दो बार असफलता के बाद तीसरे प्रयास में क्रैक की नीट परीक्षा, इंदौर के कॉलेज में मिला एमबीबीएस में प्रवेश

बुरहानपुर के मजदूर पिता ने बेटे को पढ़ाने के लिए अपना मकान बेच दिया था। शाहिद मंसूरी ने NEET परीक्षा पास कर इंदौर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया है।

Aug 31, 2026 - 14:20
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दो बार असफलता के बाद तीसरे प्रयास में क्रैक की नीट परीक्षा, इंदौर के कॉलेज में मिला एमबीबीएस में प्रवेश

अगर इंसान के भीतर कुछ कर दिखाने का जज्बा और पक्का इरादा हो, तो गरीबी और विपरीत परिस्थितियां भी उसकी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकतीं। इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बहादरपुरा गांव में रहने वाले युवा शाहिद मंसूरी ने। बेहद तंगहाली और संघर्ष भरे माहौल में रहकर शाहिद ने अपने पिता के डॉक्टर बनने के सपने को आखिरकार साकार कर दिखाया है। शाहिद ने देश की प्रतिष्ठित NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उनके पिता शकील मंसूरी पेशे से मजदूर हैं, जिन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को डॉक्टर बनाने के लिए अपना घर तक गिरवी रखकर बेच दिया था।

🏛️ दो बार असफलता के बाद तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी, इंदौर के कॉलेज में मिला एमबीबीएस में प्रवेश

NEET परीक्षा पास करने के बाद अब शाहिद मंसूरी ने इंदौर स्थित एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले लिया है। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए शाहिद ने लगातार दो साल तक रोजाना 6 घंटे की कड़ी मेहनत की थी। शुरुआती दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ली। पिता शकील मंसूरी बुरहानपुर की ताप्ती मिल में काम करते थे, लेकिन मिल बंद हो जाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। परिवार का गुजारा चलाने और बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने अपना मकान साढ़े 6 लाख रुपये में बेच दिया और महाराष्ट्र के जलगांव में छोटी सी दुकान चलाकर संघर्ष जारी रखा।

🎓 मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना से भरेगी फीस, शहरवासियों और समाज ने किया गर्मजोशी से स्वागत

शाहिद की प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव के ही एक सरकारी स्कूल में हुई, जिसके बाद उनका चयन नवोदय विद्यालय में हो गया और उन्होंने वहीं से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर मध्य प्रदेश शासन की 'मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना' के तहत उनके एमबीबीएस की पूरी फीस सरकार द्वारा चुकाई जाएगी। इस कामयाबी से न केवल उनके परिवार और पूरे मंसूरी समाज में बल्कि पूरे बुरहानपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। ऑल इंडिया मंसूरी समाज के जिलाध्यक्ष गफ्फार मंसूरी सहित कई गणमान्य नागरिकों ने शाहिद को फूलमालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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