Dhar Monsoon Update: मानसून की बेरुखी से धार के किसानों की बढ़ी चिंता; बुवाई का समय निकला, खरीफ फसल पर संकट
धार जिले में मानसून की देरी से किसान परेशान। खेतों की तैयारी और खाद-बीज के बाद भी बारिश का इंतजार। फसल चक्र प्रभावित होने से पैदावार घटने की आशंका।
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में मानसून की देरी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों की जुताई और बुवाई की सभी तैयारियां पूरी करने के बाद भी किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मानसून की इस बेरुखी का सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश में और देरी हुई, तो न केवल वर्तमान फसल की पैदावार प्रभावित होगी, बल्कि आगामी रबी की फसल चक्र भी बिगड़ जाएगा।
🚜 खाद-बीज तैयार, पर खेत प्यासे
किसानों ने महंगी खाद और बीज खरीदकर उन्हें उपचारित भी कर लिया है, लेकिन बारिश न होने के कारण वे खेतों में बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। तिरला ब्लॉक के किसान अमोल पाटीदार ने बताया कि पिछले वर्ष 20 जून तक 3 इंच वर्षा हो चुकी थी, लेकिन इस साल अभी तक सूखे जैसे हालात हैं। अलनीनो के प्रभाव के चलते मानसून की सुस्त रफ्तार किसानों की चिंता का मुख्य कारण बनी हुई है।
🔄 बीज बदलने की मजबूरी, बढ़ेगा आर्थिक नुकसान
मानसून के सक्रिय न होने से किसानों को अब सोयाबीन के बीजों में बदलाव करना पड़ सकता है। किसानों ने 120 दिन की अवधि वाले बीज खरीद रखे हैं, लेकिन समय निकल जाने के कारण अब उन्हें कम अवधि वाले बीजों की तलाश करनी पड़ रही है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ और नुकसान का कारण बनेगा।
⚠️ फसल चक्र बिगड़ने की आशंका
क्षेत्र के किसान राजेंद्र पाटीदार और दिनेश पाटीदार ने चिंता जताते हुए कहा कि मानसून के 10 से 15 दिन लेट होने से अगली फसल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। जमीन में नमी (वॉटर लेवल) की कमी के चलते वर्तमान में मात्र 25% ही फसल होने की संभावना दिखाई दे रही है। किसान अब भी अच्छे मानसून की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन देरी से बढ़ता नुकसान उन्हें भविष्य को लेकर डरा रहा है।
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