उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की राह में अटका 170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर, 7 दिन से नहीं हटी प्रतिमा—IIT इंदौर ने की जांच
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत सड़क चौड़ीकरण में आ रहे खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के प्रयास जारी हैं। प्रतिमा न हटने पर अब आईआईटी और एएसआई की मदद ली जा रही है।
महाकाल की नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान एक अनूठा मामला सामने आया है। सती गेट के पास बड़ा सराफा मार्ग पर स्थित अति प्राचीन 'खड़े हनुमान' मंदिर का ढांचा तो नगर निगम ने हटा दिया, लेकिन करीब 8 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा पिछले 7 दिनों से अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा इसे हटाने के चार असफल प्रयासों के बाद अब आईआईटी इंदौर की तकनीकी टीम और एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, ताकि प्रतिमा को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सके।
🙏 भक्तों ने माना चमत्कार, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु—पुराविदों के मुताबिक राजा भोज के काल की हो सकती है प्राचीन प्रतिमा
लगातार कोशिशों के बावजूद प्रतिमा के न हिलने की घटना को स्थानीय लोग और देश भर से आ रहे श्रद्धालु किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। मंदिर के पास टेंट लगाकर भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है, जिससे यह स्थल आस्था का बड़ा केंद्र बन गया है। पुराविदों का कहना है कि यह प्रतिमा परमार वंश के राजा भोज के काल (लगभग 1000 साल पुराने बेसाल्ट पत्थर) की हो सकती है। एक तरफ जहां प्रशासन के लिए सिंहस्थ के मद्देनजर मार्ग सुगम करना बड़ी चुनौती है, वहीं दूसरी ओर आम जनता की गहरी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी बना हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)