डॉक्टरों पर FIR से पहले जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस जारी

डॉक्टरों पर आपराधिक कार्रवाई से पहले मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड गठित न करने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें।

Sep 11, 2026 - 15:42
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डॉक्टरों पर FIR से पहले जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस जारी

जबलपुर। दो दशक पूर्व पारित आदेश के बावजूद जिला स्तर पर मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड का गठन नहीं किए जाने के मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। गुरुवार को हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

🩺 IMA सागर के अध्यक्ष ने दायर की जनहित याचिका, जैकब मैथ्यू केस का दिया हवाला

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2005 के प्रसिद्ध 'जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) के आरोपों में डॉक्टरों के खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई करने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय लेने की व्यवस्था स्पष्ट की थी। इसके बावजूद मध्य प्रदेश में जिला स्तर पर अब तक मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड गठित नहीं किए गए हैं।

🛡️ डॉक्टरों पर सीधे आपराधिक कार्रवाई अनुचित, पहले स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच जरूरी

याचिका में तर्क दिया गया कि मेडिकल नेग्लिजेंस के आरोपों में केवल प्राथमिक शिकायत के आधार पर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना या आपराधिक कार्रवाई शुरू करना अनुचित है। ऐसे संवेदनशील मामलों में पहले योग्य और स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों से प्रारंभिक जांच कराई जानी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रथम दृष्टया वाकई चिकित्सकीय लापरवाही हुई है या नहीं।

📋 सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कराने की मांग, 4 सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

याचिका में कहा गया था कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दो दशक पूर्व जारी दिशा-निर्देशों का राज्य में अभी तक पालन नहीं किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने राहत की मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप मध्य प्रदेश के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड गठित करने के आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने सभी अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मेडिकल एक्सपर्ट बोर्ड के गठन से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

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