भोपाल हमीदिया अस्पताल: 3 दिन बाद हड़ताल समाप्त, 2500 पार पहुंची ओपीडी और शुरू हुईं सर्जरियां
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 3 दिन से जारी इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है। काम शुरू होते ही ओपीडी 2500 के पार पहुंची और स्थिति सामान्य हुई। पूरी खबर पढ़ें।
भोपाल। तीन दिन की इंटर्न हड़ताल खत्म होने के बाद गुरुवार को हमीदिया अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। हड़ताल के दौरान जहां मरीज अस्पताल आने से कतरा रहे थे, वहीं काम शुरू होते ही ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर फिर से फुल हो गए।
🩺 सभी प्रमुख विभागों में 300 के पार पहुंची ओपीडी, सर्जरियां भी हुईं सुचारू
गुरुवार को हमीदिया अस्पताल की कुल ओपीडी 2500 के पार दर्ज की गई। मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थो, ईएनटी और नेत्र रोग समेत सभी प्रमुख विभागों में ओपीडी 300 से ऊपर रही। गायनी विभाग में अकेले 300 से अधिक महिलाओं ने जांच कराई। छोटे-बड़े मिलाकर करीब 40 ऑपरेशन संपन्न हुए। इमरजेंसी में भी इंटर्न डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं और वार्डों में भर्ती मरीजों की देखरेख शुरू कर दी है।
⏳ 3 दिन की परेशानी के बाद फिर से पटरी पर लौटीं अस्पताल की व्यवस्थाएं
बीते तीन दिनों में हड़ताल के चलते हमीदिया की ओपीडी आधी रह गई थी और कई मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा था। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीनियर रेजिडेंट और प्रोफेसरों ने मोर्चा संभाला था, लेकिन इंटर्न के बिना पर्ची बनाने से लेकर ड्रेसिंग और सैंपल कलेक्शन तक की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। हड़ताल खत्म होते ही गुरुवार सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लंबी कतारें देखी गईं।
💊 गायनी और मेडिसिन विभाग में रहा सबसे ज्यादा दबाव
गायनी, मेडिसिन और सर्जरी विभाग में मरीजों की संख्या सर्वाधिक रही। गायनी में 300 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच हुई, जबकि मेडिसिन विभाग में बुखार और वायरल के मरीज ज्यादा पहुंचे। इमरजेंसी में भी गुरुवार को 200 से ज्यादा मरीज आए, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया। जीएमसी (GMC) प्रबंधन के अनुसार, इंटर्न डॉक्टर सरकार के आश्वासन से संतुष्ट हैं और अपनी क्लास व अस्पताल की ड्यूटी पर नियमित रूप से लौट आए हैं।
📢 अस्पताल प्रबंधन का बयान: मरीजों की सुविधा के लिए दिए गए सख्त निर्देश
जीएमसी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है और सभी इंटर्न अपनी ड्यूटी व क्लास में वापस आ गए हैं। गुरुवार को हमीदिया में 2500 से ज्यादा ओपीडी रही और सभी सर्जरी सुचारू रूप से संचालित हुईं। मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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