भारत आ रहे 92 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान ने रोका, शारजाह-दिल्ली की फ्लाइट छूटी

श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर भारत आ रहे 92 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने अचानक NOC मांगकर रोक दिया। पढ़ें पूरी खबर।

Sep 11, 2026 - 18:55
0
भारत आ रहे 92 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान ने रोका, शारजाह-दिल्ली की फ्लाइट छूटी

उत्तराखंड स्थित श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए भारत आने की तैयारी कर रहे पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को फैसलाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक जत्थे को भारत जाने से रोक दिया। इमिग्रेशन अधिकारियों ने यात्रा पर निकलने से ठीक पहले यात्रियों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिखाने को कहा। वहीं, श्रद्धालुओं का कहना है कि इससे पहले हेमकुंड साहिब या भारत यात्रा के लिए उनसे कभी इस तरह के प्रमाण पत्र की मांग नहीं की गई थी।

जत्थे के प्रमुख पपिंदर सिंह के मुताबिक, श्रद्धालुओं को शुक्रवार तड़के करीब 2:10 बजे फैसलाबाद से शारजाह के लिए उड़ान भरनी थी, जहां से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए उन्हें दिल्ली पहुंचना था। लेकिन एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान उन्हें फ्लाइट में बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इसके चलते उनकी फैसलाबाद-शारजाह फ्लाइट छूट गई और आगे शारजाह से दिल्ली की फ्लाइट भी निरस्त हो गई।

📜 भारत सरकार ने जारी किए थे 92 वीजा, अचानक NOC की मांग से 2 करोड़ रुपये का नुकसान

भारत सरकार की ओर से श्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को कुल 92 वीजा जारी किए गए थे। इस जत्थे को दिल्ली, अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन व यात्रा पर निकलना था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने अचानक एनओसी का बहाना बनाकर सभी यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया।

जत्थे के नेता ने बताया कि भारत द्वारा वीजा जारी किए जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने उन्हें महंगा हवाई मार्ग लेने के लिए मजबूर किया। श्रद्धालुओं ने पूरी यात्रा के टिकट और लॉजिस्टिक्स में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए थे। एनओसी की अचानक मांग से उनकी पूरी यात्रा की योजना खटाई में पड़ गई है। निराश श्रद्धालु अब फैसलाबाद एयरपोर्ट पर ही बैठकर वाहेगुरु का जाप और प्रार्थना कर रहे हैं।

🛣️ अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भेजने का दबाव, PSGPC अध्यक्ष भी नहीं दिला सके राहत

जत्थे के लीडर पपिंदर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सिख अल्पसंख्यक मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के अध्यक्ष रमेश अरोड़ा से मुलाकात की थी। आरोप है कि बातचीत के दौरान उनसे हवाई मार्ग की बजाय अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते सड़क मार्ग से जाने का आग्रह किया गया था।

उन्होंने कहा, "हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए एनओसी का मुद्दा पहले कभी नहीं उठा था। जब इमिग्रेशन ने इसकी मांग की, तो हमने रमेश अरोड़ा से एनओसी दिलाने की अपील की, लेकिन वे भी कोई मदद नहीं कर पाए।" यह मामला ऐसे समय में आया है जब अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने के कारण पाकिस्तान से भारत आने वाले सिख श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले से ही काफी प्रभावित है।

🏛️ श्रद्धालुओं ने लगाई विशेष अनुमति की गुहार, सरकार की ओर से समाधान का इंतजार

अपनी फ्लाइट्स छूट जाने के बाद श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत प्रवेश की विशेष अनुमति (Special Land Route Permission) दी जाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि उन्हें तुरंत अनुमति मिल जाती है, तो वे निर्धारित समय पर श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन करने से वंचित होने से बच जाएंगे। फिलहाल सभी 92 सिख श्रद्धालु फैसलाबाद एयरपोर्ट पर ही डटे हुए हैं और पाकिस्तान सरकार के सकारात्मक फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User