सागरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, राजघाट बांध जलस्तर 515 मीटर पहुंचा, टला जलसंकट
अल्पवर्षा के बाद सागर के राजघाट बांध का जलस्तर 515 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। सागर शहर, मकरोनिया और छावनी में जलसंकट का खतरा पूरी तरह टला।
सागर। सिर्फ सागर शहर ही नहीं, बल्कि मकरोनिया नगर पालिका और सागर छावनी परिषद (कैंट) के लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले प्रमुख राजघाट बांध ने आखिरकार सागरवासियों की उम्मीदों को पूरा कर दिया है।
शुरुआती दौर में अल्पवर्षा के कारण राजघाट जल आवर्धन परियोजना के बांध का जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया था और बांध अपने 515 मीटर के पूर्ण जलस्तर को छू नहीं पा रहा था। लेकिन मानसून की विदाई की बेला में सागर जिले को बड़ी राहत मिली है। राजघाट बांध ने अपना उच्चतम जलस्तर 515.15 मीटर लगभग छू लिया है और यदि जल आवक इसी तरह बनी रही तो राजघाट बांध ओवर्फ़्लो भी हो सकता है। राजघाट बांध के पूरी तरह भर जाने से सागर शहर, मकरोनिया उपनगर और सागर छावनी को सता रही भीषण जलसंकट की चिंता अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है।
🌧️ कम बारिश के चलते माथे पर आ गई थीं चिंता की लकीरें: जुलाई में महज 507 मीटर था जलस्तर
दरअसल, जुलाई के महीने में बुंदेलखंड और सागर अंचल में बारिश की कमी के कारण सागर नगर निगम प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं।
आशंका जताई जा रही थी कि यदि बारिश का यही हाल रहा तो राजघाट बांध अपनी क्षमता अनुसार नहीं भर पाएगा और आगामी गर्मियों में सागर शहर, मकरोनिया उपनगर तथा छावनी क्षेत्र को गंभीर जलसंकट का सामना करना पड़ेगा। स्थिति यह थी कि जुलाई का पूरा महीना बीत जाने के बाद भी राजघाट बांध का जलस्तर महज 507 मीटर तक ही पहुंच सका था, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 515.15 मीटर है।
लेकिन अगस्त और सितंबर के पहले पखवाड़े में हुई जोरदार बारिश ने पूरी तस्वीर बदल दी। जल आवर्धन परियोजना के अधीक्षण यंत्री (SE) राहुल रैकवार ने बताया, "राजघाट बांध की क्षमता के अनुसार जलस्तर 515 मीटर तक पहुंच गया था। इसकी अधिकतम क्षमता 515.15 मीटर की है और बेबस नदी से पानी की आवक लगातार जारी है। बांध अपनी पूर्ण क्षमता के साथ भर चुका है।"
🚰 क्या कहना है महापौर का: 'अब जल्द से जल्द 24 घंटे जलापूर्ति देने की होगी कोशिश'
सागर नगर निगम की महापौर संगीता सुशील तिवारी का कहना है, "जिस तरह से जुलाई माह में बारिश न होने के कारण राजघाट बांध के भराव को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, वे अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं। मानसून की विदाई से पहले राजघाट बांध ने अपने उच्चतम जलस्तर को हासिल कर लिया है।"
महापौर ने आगे कहा कि नगर निगम प्रशासन काफी चिंतित था कि आने वाले पूरे साल सागर शहर, कैंट एरिया और मकरोनिया नगरपालिका क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था कैसे संभाली जाएगी। लेकिन अगस्त और सितंबर में हुई अच्छी बारिश के बाद बेबस नदी उफान पर आई और बांध लबालब भर गया। अब नगर निगम का मुख्य प्रयास रहेगा कि शहरवासियों को नियमित पानी की सप्लाई मिले और जल्द से जल्द 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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