MP UCC Draft: 10 दिनों में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; आदिवासियों के संपत्ति अधिकार और विवाह नियमों पर मंथन

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट अंतिम चरण में। अंतरजातीय विवाह, आदिवासी अधिकार और संपत्ति बंटवारे पर सरकार की नई योजना। जानें क्या होगा खास।

Jun 23, 2026 - 14:14
0
MP UCC Draft: 10 दिनों में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; आदिवासियों के संपत्ति अधिकार और विवाह नियमों पर मंथन

भोपाल। मध्यप्रदेश में बहुप्रतीक्षित समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट अब अपने अंतिम चरण में है। उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के अनुसार, अगले 10 दिनों में इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा। इस संहिता के दायरे में राज्य के आदिवासी समाज को भी विशेष संदर्भ में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। समिति का मुख्य जोर बहुविवाह पर रोक लगाने और विवाह पंजीकरण को अनिवार्य बनाने पर है।

⚖️ संपत्ति बंटवारा और अंतरजातीय विवाह

UCC ड्राफ्ट में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा अंतरजातीय विवाह करने वाले आदिवासी युवक-युवतियों के अधिकारों को लेकर है। यदि कोई आदिवासी महिला या पुरुष गैर-आदिवासी समुदाय में विवाह करता है, तो उनके पारिवारिक अधिकार और संपत्ति के नियमों को पारंपरिक प्रथाओं के बजाय UCC के दायरे में लाने पर विचार चल रहा है। समिति यह भी देख रही है कि क्या विवाह के बाद आदिवासी संस्कृति का पालन न करने की स्थिति में उन्हें मिलने वाले विशेष अधिकार समाप्त किए जाने चाहिए।

🛡️ आदिवासी संस्कृति और संवैधानिक सुरक्षा

समिति स्पष्ट कर चुकी है कि संविधान में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए दी गई विशेष व्यवस्था और उनकी परंपराओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, बहस इस पर है कि क्या इन प्रावधानों के दायरे में रहते हुए उन्हें UCC का लाभ दिया जाना चाहिए। आदिवासियों के लिए विवाह पंजीकरण का विकल्प स्वैच्छिक रखने पर भी मंथन किया जा रहा है, ताकि उनकी सांस्कृतिक स्वायत्तता बनी रहे।

⛈️ मानसून सत्र में पेश हो सकता है विधेयक

सरकार की मंशा इस विधेयक को आगामी मानसून सत्र में सदन के पटल पर रखने की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे चुके हैं। उत्तराखंड और गुजरात में लागू UCC प्रावधानों (जैसे लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, संपत्ति का समान अधिकार और तलाक की स्पष्ट प्रक्रिया) का अध्ययन करके मध्यप्रदेश के लिए एक अनुकूल ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

📑 तुलनात्मक स्थिति: अन्य राज्यों से क्या सीख?
  • लिव-इन रिलेशनशिप: गुजरात और उत्तराखंड की तर्ज पर एमपी में भी पंजीकरण अनिवार्य होने की संभावना है। बिना पंजीकरण के रहने पर जुर्माने या सजा का प्रावधान हो सकता है।

  • तलाक: आपसी सहमति को अनिवार्य आधार बनाया जा सकता है।

  • आदिवासी छूट: गुजरात में आदिवासी समुदायों को UCC से बाहर रखा गया है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार एक मध्यम मार्ग (मिडल पाथ) तलाश रही है जहाँ संस्कृति भी सुरक्षित रहे और कानूनी समानता भी बढ़े।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User