रतलाम में ₹12,000 क्विंटल का बीज खरीदकर ठगे गए किसान, 90 दिन बाद भी फसल में नहीं आई फली
रतलाम के बसंतपुर में ₹12,000 क्विंटल का उन्नत सोयाबीन बीज बोने के बाद भी फसल में फली नहीं आई। अफलन की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जांच की मांग की।
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बसंतपुर गांव में 24 से अधिक किसानों को सोयाबीन का उन्नत किस्म का बीज खरीदना बेहद भारी पड़ गया। इन किसानों के खेतों में सोयाबीन की फसल बोए 90 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन फसल पूरी तरह अफलन (फली न आना) की स्थिति में है।
जिस निजी बीज विक्रेता से किसानों ने महंगा सोयाबीन बीज खरीदा था, उसने भी अब कोई जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया है। बीज विक्रेता की धोखाधड़ी और फसल बर्बाद होने से आहत परेशान किसान अब अपनी खराब हुई फसल लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।
💰 ₹12,000 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था बीज: 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में बोई गई फसल रही बेकार
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने बताया कि उन्होंने ₹12,000 प्रति क्विंटल के अत्यधिक महंगे दाम पर यह 'उन्नत' बीज खरीदा था। लेकिन बोनी के इतने दिनों बाद भी सोयाबीन के पौधों में एक भी फली नहीं लगी है।
जनसुनवाई में किसानों द्वारा की गई शिकायत के बाद अब कृषि विभाग के अधिकारी मौके का मुआयना कर मामले की विस्तृत जांच करवाने की बात कह रहे हैं। दरअसल, रतलाम ग्रामीण के बसंतपुरा गांव में 50 बीघा से भी अधिक कृषि क्षेत्र में बोई गई सोयाबीन की फसल में यह गंभीर समस्या सामने आई है। जहां फसल अब पककर कटने की अवस्था में होनी चाहिए थी, वहां पौधों में एक भी दाना सोयाबीन का नहीं फला है।
🥀 'स्प्रे की दवाई भी रही बेअसर': पीड़ित किसान कन्हैयालाल ने बताई बीज विक्रेता की चालाकी
अपनी खराब हो चुकी फसल के पौधे हाथों में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे गांव के किसान कन्हैयालाल ने बताया, "हमने रतलाम की एक निजी बीज दुकान से सोयाबीन का उन्नत बीज खरीदा था, जिसके लिए दुकानदार ने हमसे ₹12,000 प्रति क्विंटल की बड़ी राशि वसूली थी। जब फसल में समय पर फल-फूल नहीं आए, तो हमने दुकानदार से शिकायत की। इस पर दुकानदार ने हमें ₹600 प्रति लीटर की दर से स्प्रे करने की एक दवाई थमा दी और कहा कि इससे बहुत अच्छे फल और फूल आ जाएंगे। लेकिन अब फसल पूरी तरह पकने की स्थिति में आ गई है और एक भी पौधे पर फली नहीं लगी है।"
📋 शिकायत के बावजूद नहीं पहुंचे अधिकारी: पीड़ित किसान बाबूलाल का दर्द
एक अन्य पीड़ित किसान बाबूलाल ने बताया कि उनके द्वारा निजी दुकानदार और कृषि विभाग दोनों जगह समय पर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन काफी दिनों तक उनकी खराब हुई फसल को देखने कोई नहीं आया।
पिछली जनसुनवाई में भी किसानों ने अपनी गुहार लगाई थी, लेकिन तुरंत कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि उनकी लागत और मेहनत पूरी तरह से पानी में बह गई है और अब वे मुआवजे तथा दोषी बीज विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
🔍 कृषि विभाग ने गठित की जांच टीम: उपसंचालक बोले- 'जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई'
पूरे मामले पर कृषि विभाग के उपसंचालक आर.एस. अर्गल ने बताया कि बसंतपुरा गांव के किसानों की शिकायत जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त हुई थी।
उन्होंने बताया, "मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरे द्वारा एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है। यह टीम बसंतपुरा गांव जाकर प्रभावित खेतों और फसलों का स्थल निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित बीज विक्रेता और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।" इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल बीमा कराने वाली संबंधित कंपनी से भी तुरंत संपर्क करने का सुझाव दिया गया है।
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