Digital Service Book MP: एमपी के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डिजिटलीकरण; 25 हजार कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
मध्य प्रदेश के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 25 हजार कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर। 28 साल बाद शुरू होगा यूनिक एम्पलाई कोड, ई-सर्विस बुक से आसान होगा पीएफ का हिसाब।
भोपाल। मध्य प्रदेश के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत 25 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से लंबित 'यूनिक एम्पलाई कोड' की मांग को अब स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल कर्मचारियों का डेटा डिजिटल होगा, बल्कि तबादलों, पदस्थापना और पीएफ (PF) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मात्र एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।
🚧 साल 1998 से अटकी थी व्यवस्था
यह समस्या वर्ष 1998 में मेडिकल कॉलेजों को 'स्वशासी' (Autonomous) घोषित किए जाने के बाद शुरू हुई थी। पिछले 28 वर्षों से नियुक्त हुए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ को कभी एम्पलाई कोड आवंटित नहीं किया गया। इस कारण हर महीने वेतन से पीएफ कटौती तो होती रही, लेकिन यह पैसा किस खाते में जमा हो रहा है, इसका कोई सटीक रिकॉर्ड नहीं था। डिजिटल सर्विस बुक न होने से कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
📉 एम्पलाई कोड न होने से हो रहे थे ये नुकसान
कोड के अभाव में कर्मचारियों को भविष्य में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था:
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आर्थिक सहायता: सेवाकाल में असामयिक निधन होने पर परिजनों को क्लेम और आर्थिक सहायता मिलने में भारी देरी होती थी।
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रिटायरमेंट की समस्या: पेंशन और पीएफ भुगतान की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण रिटायर्ड कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
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प्रशासनिक रिकॉर्ड: कर्मचारियों के तबादलों और सर्विस रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मुश्किलें आती थीं।
🤝 सरकार का ठोस कदम: वित्त विभाग के साथ बनेगी रणनीति
इस समस्या के समाधान के लिए हाल ही में मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला से मुलाकात की। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर सॉफ्टवेयर संबंधी अड़चनों को दूर किया जाएगा। इस पहल से 28 वर्षों से चली आ रही कर्मचारियों की बड़ी प्रशासनिक समस्या का स्थाई समाधान निकलने की उम्मीद है।
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