Gold and Silver Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट; लगातार पांच तिमाहियों की बढ़त का सिलसिला टूटा
सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, पांच तिमाहियों की बढ़त का दौर खत्म। डॉलर इंडेक्स में तेजी और फेड के सख्त रुख का पड़ा असर। जानें भारत में आज का ताजा भाव।
जून तिमाही का समापन सोने और चांदी के निवेशकों के लिए चिंताजनक रहा है। लगातार पांच तिमाहियों से जारी तेजी के बाद अब इन कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जून तिमाही में सोने की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत और चांदी में 17.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह पिछले कई वर्षों में दोनों धातुओं का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।
⚖️ गिरावट की प्रमुख वजह: फेड का सख्त रुख और मजबूत डॉलर
जानकारों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:
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मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स के एक साल के उच्चतम स्तर (102 के करीब) पर पहुँचने से सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा है।
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महंगाई और ब्याज दरें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और 'लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें' (High interest rates for longer) वाला माहौल निवेशकों को ट्रेजरी जैसे एसेट्स की ओर आकर्षित कर रहा है।
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जियोपॉलिटिकल स्थितियां: कच्चे तेल की कीमतों और अन्य भू-राजनीतिक कारकों के बावजूद बुलियन मार्केट पर दबाव बरकरार है।
💰 भारत में दिखा बड़ा असर: एमसीएक्स पर भारी गिरावट
भारतीय बाजार (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज - MCX) पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। 17 जून के बाद से सोने की कीमतों में लगभग 9,765 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी में 30,149 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। कारोबारी सत्रों में सोने के दाम अपने पिछले पीक से काफी नीचे आ चुके हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
🔮 आगे क्या उम्मीद करें?
एक्सिस डायरेक्ट के कमोडिटीज सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देवेया गगलानी का मानना है कि जब तक डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर बना रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में दबाव बना रह सकता है। ट्रेडर्स अब गुरुवार को आने वाले 'US पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स' पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जो भविष्य में बाजार की दिशा तय करेगा।
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