Indore Water Contamination: इंदौर के खातीवाला टैंक में पानी से फैल रही बीमारी; जांच में मिला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया
इंदौर के खातीवाला टैंक क्षेत्र में नर्मदा जल की जांच में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। दूषित पानी से रहवासी बीमार, नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग।
इंदौर। शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। खातीवाला टैंक स्थित रिजवानी उद्यान क्षेत्र में नलों से आने वाले नर्मदा जल में खतरनाक 'ई-कोलाई' (E-Coli) बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। देखने में साफ लगने वाला यह पानी अब रहवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। इस पानी का सेवन करने से स्थानीय लोग बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
🩺 डॉक्टर की पड़ताल: रिपोर्ट में पानी पूरी तरह अनुपयुक्त
क्षेत्र के रहवासी डॉ. गुरमीत सिंह नारंग स्वयं इस दूषित पानी को पीने से बीमार पड़ गए थे। उन्होंने एहतियात के तौर पर पानी का नमूना एक निजी लैब में जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
-
ई-कोलाई बैक्टीरिया: मौजूद।
-
बैक्टीरियल काउंट: 100 से अधिक।
-
कोलीफॉर्म काउंट: 100 से अधिक। रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पानी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसे पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
📉 चार महीने से जारी है समस्या, निगम खामोश
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से नलों में यह दूषित पानी आ रहा है। रहवासियों ने नगर निगम के जलकार्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। भागीरथपुरा के बाद अब खातीवाला टैंक क्षेत्र में भी फीकल कंटामिनेशन (Fecal Contamination) का मामला सामने आने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।
⚠️ स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर
दूषित जल के सेवन से क्षेत्र के कई घरों में लोग संक्रमण की चपेट में हैं। लोगों में पेट संबंधी गंभीर इंफेक्शन, बुखार और घबराहट के लक्षण बढ़ रहे हैं। रहवासियों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल प्रभाव से पानी की पाइपलाइन की जांच करे, प्रदूषण के मुख्य स्रोत का पता लगाए और शहरवासियों की सेहत के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को बंद करे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)