कूनो डायरेक्टर बोले—'सैटेलाइट कॉलर हर पल की लाइव लोकेशन नहीं बताता'; 6 कर्मचारी निलंबित, 8 पर FIR

कूनो नेशनल पार्क में चीते KNG22 की गोली लगने से मौत के बाद सैटेलाइट कॉलर पर विवाद गहरा गया है। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कूनो डायरेक्टर को पद से हटाने की मांग की है।

Nov 01, 2026 - 19:22
0
कूनो डायरेक्टर बोले—'सैटेलाइट कॉलर हर पल की लाइव लोकेशन नहीं बताता'; 6 कर्मचारी निलंबित, 8 पर FIR

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में 19 माह के चीते KNG22 की गोली लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद अब सैटेलाइट कॉलर की तकनीकी सीमाओं को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

कूनो नेशनल पार्क के डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने विस्तृत प्रेस नोट जारी कर स्पष्टीकरण दिया कि सैटेलाइट कॉलर किसी चीते की हर पल की लाइव लोकेशन नहीं बताता। लेकिन उनके इस बयान पर प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि तकनीकी शब्दों की आड़ में प्रशासनिक अक्षमता को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। दुबे ने कूनो डायरेक्टर उत्तम शर्मा को तुरंत पद से हटाने की पुरजोर मांग की है।

📣 'कूनो डायरेक्टर को तुरंत हटाया जाए'—अजय दुबे ने उठाए गंभीर सवाल

अजय दुबे ने अपने बयान में कूनो नेशनल पार्क और आसपास के लैंडस्केप में हुई पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया:

  • सुरक्षा में भारी चूक: उन्होंने कूनो के दो स्निफर डॉग की मौत, कूनो लैंडस्केप में तेंदुओं के कथित शिकार और माधव टाइगर रिजर्व की बाघिन से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

  • पुराना ट्रैक रिकॉर्ड: दुबे ने वर्ष 2021 में उत्तम शर्मा के पन्ना टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर रहते हुए रेडियो कॉलर लगे बाघ के शिकार का मामला भी उठाया।

  • बाकी चीतों पर खतरा: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कूनो डायरेक्टर को पद से नहीं हटाया गया, तो कूनो में मौजूद बाकी चीतों की सुरक्षा पर भी लगातार गंभीर खतरा मंडराता रहेगा।

🛰️ कूनो डायरेक्टर ने प्रेस नोट में क्या दी तकनीकी सफाई?

कूनो डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने प्रेस नोट जारी कर सैटेलाइट कॉलर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से ब्योरा दिया:

  • 6 घंटे का अंतराल: कूनो में सैटेलाइट कॉलर लगे चीतों की लोकेशन सामान्यतः 6 घंटे के अंतराल पर प्राप्त होती है। यह प्रणाली लाइव ब्रॉडकास्ट की तरह निरंतर काम नहीं करती।

  • सिग्नल में रुकावट: यदि निर्धारित समय पर एक लोकेशन नहीं मिलती, तो दो सफल लोकेशन के बीच 12 घंटे या उससे अधिक का अंतर हो सकता है। घने जंगल, पेड़ों की छतरी, पहाड़ी इलाके, गुफाएं और गहरी घाटियां सैटेलाइट सिग्नल को प्रभावित कर सकती हैं।

  • निगरानी और लागत: कूनो में करीब 15 चीतों की निगरानी के लिए सैटेलाइट ट्रैकिंग के साथ VHF रेडियो रिसीवर का उपयोग होता है। एक सैटेलाइट कॉलर की कीमत लगभग 4 से 5 लाख रुपये होती है और लोकेशन भेजने की आवृत्ति का सीधा असर उसकी बैटरी लाइफ पर पड़ता है। चीते रोजाना औसतन 6 से 15 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं।

🩺 चीते के शरीर से निकले बंदूक के 5 छर्रे, इलाज के दौरान तोड़ा दम

यह सनसनीखेज मामला 25 अक्टूबर का है, जब मादा चीता 'निर्वा' का 19 माह का नर शावक KNG22 गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था:

  • सीटी स्कैन में खुलासा: उसे तुरंत जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया, जहां सीटी स्कैन में उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों, हड्डियों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई।

  • इमरजेंसी ऑपरेशन: आपातकालीन ऑपरेशन के दौरान चीते के शरीर से बंदूक के 5 छर्रे निकाले गए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण 27 अक्टूबर की सुबह उसने दम तोड़ दिया।

👮‍♂️ 6 वनकर्मी निलंबित, 8 संदिग्धों पर FIR; 2 आरोपी गिरफ्तार

चीते की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है:

  • निलंबन की कार्रवाई: श्योपुर और मुरैना वन मंडल के 6 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें विजयपुर के रेंजर जाहर सिंह गौड़, पहाड़गढ़ के रेंजर आकाश तोमर और डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य सहित अन्य मैदानी अमला शामिल है।

  • गिरफ्तारी और एफआईआर: मामले में 8 संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुरैना पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार बरामद किए हैं, जबकि एसटीएफ (STF) संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है।

🔍 केंद्र की 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम जांच में जुटी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) और WCCB (वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो) के वरिष्ठ अधिकारियों की 3 सदस्यीय जांच टीम गठित की है:

  • जांच दल के सदस्य: इस उच्चस्तरीय टीम में NTCA के वन महानिरीक्षक, WCCB के अतिरिक्त निदेशक और क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं।

  • जांच के बिंदु: टीम को घटना की परिस्थितियों, साक्ष्यों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कूनो की ट्रैकिंग व्यवस्था की गहन जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

  • एसटीएफ का गठन: मध्य प्रदेश सरकार ने भी पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को मिलाकर विशेष टास्क फोर्स (STF) बनाई है। हालांकि, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स कूनो के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User