मध्य प्रदेश न्यूज़: किसानों के लिए बड़ी राहत, धान पंजीयन की तारीख बढ़ी, 18 नवंबर को गांधी सागर में होगी अगली कैबिनेट
एमपी कैबिनेट ने 23,228 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी है। दीपावली के बाद मुख्यमंत्री रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम शुरू होगा। धान पंजीयन की तारीख 4 नवंबर तक बढ़ी।
मध्य प्रदेश में दीपावली के पावन पर्व के बाद राज्य सरकार पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर 'रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम' का शुभारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी और विकासशील निर्णयों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' के तहत जिन गांवों में 100 प्रतिशत रजिस्ट्री का काम पूरा हो चुका है, मंत्री स्वयं वहां जाकर दीपावली और गोवर्धन पूजा का त्योहार ग्रामीणों के साथ मनाएं। इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए 23,228 करोड़ रुपये की एक दर्जन योजनाओं को निरंतर जारी रखने की प्रशासनिक मंजूरी दी है।
🚜 मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना का पूरा शुल्क भरेगी सरकार; धान पंजीयन की तारीख 4 नवंबर तक बढ़ी
किसानों और भूमि स्वामियों के लिए राहत भरे निर्णय:
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निःशुल्क रजिस्ट्री व लोन सुविधा: एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' के तहत रजिस्ट्री का पूरा शुल्क मध्य प्रदेश सरकार स्वयं वहन कर रही है। रजिस्ट्री के बाद मिलने वाले आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर किसान बैंकों से आसानी से ऋण (Loan) प्राप्त कर सकेंगे।
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60 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य: प्रदेश में अब तक 15 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं और 15 नवंबर तक यह आंकड़ा 20 लाख के पार पहुंच जाएगा। सरकार का कुल लक्ष्य 60 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का है।
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धान उपार्जन पंजीयन तिथि में विस्तार: राज्य सरकार ने धान उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 4 नवंबर कर दिया है, ताकि छूटे हुए किसान समय पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें।
🌊 18 नवंबर को गांधी सागर में होगी 'डेस्टिनेशन कैबिनेट'; नीलगाय नियंत्रण के लिए कैप्चर बोमा तकनीक
कैबिनेट बैठक और पर्यावरण/वन निर्णय:
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गांधी सागर में अगली बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दीपावली के बाद अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार इस वर्ष को 'किसान और उद्योग वर्ष' के रूप में मना रही है और इस बैठक का मुख्य फोकस इन्हीं दो विषयों पर रहेगा।
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नीलगाय और हिरण नियंत्रण: किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों और हिरणों से निजात दिलाने के लिए 'कैप्चर बोमा' (Capture Boma) तकनीक का विस्तार किया जाएगा। पिछले एक वर्ष में इस तकनीक से 2 हजार से अधिक नीलगायों और हिरणों को सुरक्षित पकड़कर वन अभ्यारण्यों में छोड़ा गया है।
🏥 23,228 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं को हरी झंडी; अस्पतालों के लिए 10 हजार करोड़ स्वीकृत
विभिन्न विभागों के लिए बजट आवंटन:
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स्वास्थ्य एवं अस्पताल विकास: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नए अस्पतालों के निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेन्ट प्रमोशन योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
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वन एवं पर्यावरण संरक्षण: वन विभाग की 8 विभिन्न योजनाओं (जैसे जू रेस्क्यू, प्रशिक्षण और उद्यान स्थापना) के लिए 15,200 करोड़ रुपये तथा नए वनों के निर्माण हेतु 1,994 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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नगरीय एवं जल संसाधन विकास: नगरीय अधोसंरचना विकास के लिए 700 करोड़ रुपये तथा पन्ना जिले की मझगांव, विदिशा की टेम व हनुमंता सिंचाई परियोजनाओं के लिए 136 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है।
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जननायक बिरसा मुंडा जयंती: 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 3 बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसकी रूपरेखा बनाने के लिए 5 नवंबर को आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री निवास में बैठक होगी।
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